
VillageMeetings : MarriageRules : TraditionalCustoms : Uttarakhand : SocialDecisions : जौनसार-बावर क्षेत्र की खत सिली गोथान के बड़नू गांव में मंगलवार को 12 गांवों के ग्रामीणों की बैठक हुई…जिसकी अध्यक्षता खत के सदर स्याणा मंजीत सिंह तोमर ने की। बैठक में कई महत्वपूर्ण सामाजिक फैसले लिए गए…जो 30 जून 2026 के बाद होने वाली शादियों और समारोहों पर लागू होंगे। बैठक में तय किया गया कि शादी में शगुन के तौर पर टीका 101 रुपये से अधिक नहीं दिया जाएगा और नियम का उल्लंघन करने पर गांव के लोग शादी या समारोह में शामिल नहीं होंगे।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शिलगुर महाराज का बंराश यानी जांगड़ा…जो 12 साल बाद मनाया जाता है वर्ष 2027 में आयोजित किया जाएगा। किसी भी गांव में शादी या अन्य समारोह में बियर परोसने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। पहली शादी में मामा पक्ष की ओर से बकरा, आटा, चावल और सूजी लाया जा सकेगा, जबकि यदि किसी परिवार में दो या अधिक मामा हैं…तो आपसी सहमति से बकरा लाया जा सकेगा। मामा पक्ष की ओर से टीका पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
साथ ही तय किया गया कि शादी या किसी अन्य कार्यक्रम में साउंड सिस्टम रात 12 बजे तक ही बजेगा। शादीशुदा लड़कियों द्वारा मायके पक्ष को जो बकरा दिया जाता है वह अन्य गांव में नहीं जाएगा। रहिणी भोज के दौरान किसी भी परिवार द्वारा चांदी के सिक्के या किसी प्रकार के वस्त्र नहीं दिए जाएंगे।
बैठक में जोशी गांव से श्याम दत्त जोशी, हमरोऊ गांव से आंदन सिंह चौहान, मथेऊ गांव से चतर सिंह चौहान, बसाया गांव से यशपाल सिंह चौहान, गडैता गांव से सुनील सिंह चौहान, मसराड़ गांव से श्याम सिंह चौहान, ललऊ गांव से राजेंद्र सिंह चौहान, पानुवा गांव से पूरण सिंह राठौर, दातनू गांव से कृपाल सिंह चौहान, बड़नू गांव से श्याम सिंह चौहान, मलेथा गांव से मुन्ना सिंह चौहान, मंदिर समिति अध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान और कर्मचारी संगठन अध्यक्ष अमर सिंह चौहान के साथ अतर सिंह, ज्ञान सिंह, विक्रम सिंह राठौर, डा. बलबीर सिंह, रूपराम राठौर, बलवीर सिंह राठौर, धन सिंह चौहान, भोपाल सिंह, महेन्द्र सिंह, रणवीर सिंह, अजब सिंह और दिगम्बर सिंह भी मौजूद रहे।
इन फैसलों का उद्देश्य समाज हित और पारंपरिक रीति-रिवाजों के संरक्षण के साथ-साथ गांव में शादी और अन्य आयोजनों में अनुशासन बनाए रखना है।






