
WildlifeCrime : LeopardSkin : PauriGarhwal : SrinagarUttarakhand : WildlifeProtectionAct : ForestCrime : PoliceAction : उत्तराखंड में वन्यजीव संरक्षण को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं…लेकिन इसके बावजूद अवैध तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला पौड़ी जनपद के श्रीनगर क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ गुलदार की खाल की तस्करी का भंडाफोड़ हुआ है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग गुलदार की खाल बेचने के उद्देश्य से श्रीनगर पहुंचे हैं और होटल में ठहरे हुए हैं। सूचना के आधार पर श्रीनगर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के होटलों में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान एक होटल के कमरे से चार अभियुक्तों को गुलदार की खाल के साथ गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सफारी लाल, सुरजन लाल, रोशन लाल और बसंतू लाल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार गुलदार संरक्षित वन्यजीव की श्रेणी में आता है और उसकी खाल का अवैध रूप से रखना और तस्करी करना गंभीर अपराध है।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि सफारी लाल और बसंतू लाल आपस में चाचा-भतीजा हैं और उन्होंने कुछ माह पहले अपने गांव के पास जंगल में गुलदार का शिकार किया था। रोशन लाल और सुरजन लाल खाल खरीदने के इच्छुक थे और इसी उद्देश्य से खाल को श्रीनगर लाया गया था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोतवाली श्रीनगर में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सभी अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वन्यजीव अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।






