
Where Is My Train App | Ahmed Nizam | Train Tracking App India | Google Acquisition | Sigmoid Labs : आज के समय में भारत में करोड़ों लोग रोजाना ट्रेन से सफर करते हैं। लेकिन कई बार कोहरा, मौसम या अन्य कारणों से ट्रेन लेट हो जाती है। ऐसे में यात्रियों को सबसे बड़ी परेशानी होती है ट्रेन कहां है और कब पहुंचेगी। आज हमारे पास कई ऐप्स हैं जो ट्रेन की लाइव लोकेशन बताते हैं, लेकिन करीब 10 साल पहले ऐसा नहीं था। उसी समय एक आइडिया ने जन्म लिया…जिसने करोड़ों लोगों की समस्या हल कर दी।
साल 2015 में अहमद निजाम मोहाइदीन ट्रेन से सफर करने स्टेशन पहुंचे थे। उनकी ट्रेन कई घंटों लेट थी। इसी दौरान उन्होंने देखा कि उस समय Ola और Uber जैसे ऐप्स लाइव लोकेशन दिखा रहे थे। यहीं से उनके दिमाग में विचार आया…जब कैब की लोकेशन ट्रैक हो सकती है…तो ट्रेन की क्यों नहीं?
ऐसे शुरू हुई Where is My Train App
अहमद निजाम ने अपनी कंपनी Sigmoid Labs के साथ मिलकर इस पर काम शुरू किया।
करीब 1 साल तक लगातार मेहनत की
20 से ज्यादा प्रोटोटाइप बनाएकई बार असफलता मिली
लेकिन आखिरकार उन्होंने Where is My Train App बना ही लिया। सबसे खास बात यह थी कि यह ऐप इंटरनेट के बिना भी काम करता था…क्योंकि इसमें मोबाइल टावर डेटा का इस्तेमाल किया गया।
गूगल ने खरीदा ऐप
यह आइडिया इतना सफल रहा कि Google ने दिसंबर 2018 में इस ऐप को खरीद लिया।
कंपनी Sigmoid Labs का अधिग्रहण हुआ
करीब 280 करोड़ रुपये की डील मानी जाती है
इसका मकसद Next Billion Users प्रोजेक्ट को मजबूत करना था
आज करोड़ों लोग करते हैं इस्तेमाल
आज इस ऐप के 100 मिलियन (10 करोड़+) डाउनलोड हैं।
इसमें मिलती हैं ये सुविधाएं:
लाइव ट्रेन लोकेशन
ऑफलाइन शेड्यूल
प्लेटफॉर्म नंबर
PNR स्टेटस
सीट उपलब्धता
डेस्टिनेशन अलार्म
यह बिना GPS और इंटरनेट के भी काम कर सकता है…जिससे यह यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी बन गया है।
आगे क्या कर रहे हैं अहमद निजाम?
गूगल में करीब 4 साल काम करने के बाद अहमद निजाम ने 2022 में इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने 2023 में Regain App लॉन्च किया। यह ऐप लोगों को मोबाइल की लत कम करने और फोकस बढ़ाने में मदद करता है।






