
AIIMS Rishikesh : Heart Valve Surgery : TEER Procedure : Mitral Valve Leakage : Non-surgical Heart Repair : Uttarakhand News : एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने 65 वर्षीय मरीज का जीवन बचाया…जिनके हृदय के माइट्रल वाल्व में गंभीर लीकेज होने के कारण हृदय की पंपिंग क्षमता मात्र 20 प्रतिशत रह गई थी। मरीज ओपन हार्ट सर्जरी के लिए भी जोखिम में थे।
एम्स के कार्डियोलाजिस्ट एडिशनल प्रोफेसर बरुण कुमार के नेतृत्व में टीम ने अत्याधुनिक ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (टीईईआर) तकनीक से वाल्व में लीकेज को ठीक किया। मरीज अब स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
रुड़की तहसील के मोहनपुर जट गांव निवासी जगत वीर सिंह ने कहा कि 2023 में उनके हृदय में स्टंट डाले गए थे…लेकिन पिछले महीनों में सांस फूलने और थकान की समस्या बढ़ गई थी। कई अस्पतालों ने माइट्रल वाल्व में गंभीर लीकेज और तत्काल सर्जरी की सलाह दी थी…लेकिन उम्र और पहले की सर्जरी के कारण मामला जोखिम भरा था।
टीईईआर प्रक्रिया में बिना छाती खोले, जांघ की नस के माध्यम से हृदय तक छोटी क्लिप पहुंचाई जाती है। यह क्लिप वाल्व के लीकेज हिस्सों को जोड़कर रक्त के उल्टे प्रवाह को कम करती है, जिससे हृदय की कार्यक्षमता बेहतर होती है।
टीम में प्रो. बरुण कुमार, डॉ. सुवेन कुमार, वरिष्ठ सर्जन डॉ. अंशुमान दरबारी और एनेस्थेसिया विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार शामिल रहे। एम्स के कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि यह सफलता संस्थान की अत्याधुनिक हृदय चिकित्सा क्षमताओं का उदाहरण है।






