मुझको ऐसा लगाता है कि – आज की नारी तनधारी आत्माये ही सबसे ज्यादा ” पापी ” है आज इसकी बारी कल...
कभी आँधी , तो कभी तूफान कभी ठंडी सी बयार आती है सैलाब कभी ज्वार- भाटे कभी चक्रवात चले आते है कभी...
कभी आँधी , तो कभी तूफान कभी ठंडी सी बयार आती है सैलाब कभी ज्वार- भाटे कभी चक्रवात चले आते है कभी...
तुम्हारे हाथों की जंजीरें और पैरों की बेडि़यां बन जाएँ ! हम अपनी आरजुओंं और दिल की हसरतों को ऐसी इजाजते हरगिज...
तुम्हारे हाथों की जंजीरें और पैरों की बेडि़यां बन जाएँ ! हम अपनी आरजुओंं और दिल की हसरतों को ऐसी इजाजते हरगिज...
सिसक रही हूँ मैं , धुंये और महक के साथ पूरी तरह बुझने से पहले ! अभी-अभी तो सवेरा हुआ है !...
सिसक रही हूँ मैं , धुंये और महक के साथ पूरी तरह बुझने से पहले ! अभी-अभी तो सवेरा हुआ है !...
जानती हूँ कि मैं अब किशोरी नहीं रही ! पर कोमलताएं मुझमें तब से अब कुछ ज्यादा हैं , हो सकता है ,तब...
लखनऊ-उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 12 छेत्रों के व्यापार मंडल ने विलय कर बनाया नया भारतीय जन उद्योग व्यापार मंडल ।...
कभी- कभी लगता है जैसे उसका वहीखाता हमारे भी हिसाब-किताब पर रीझ जाता है छोटी – छोटी खुशियाँ ही सही , पर...