पहले हम अपनों का कहा करने को जीते थे अब अपनों को बनाये रखने को जीते हैं आसाँ वो भी नही था...
पहले हम अपनों का कहा करने को जीते थे अब अपनों को बनाये रखने को जीते हैं आसाँ वो भी नही था...
अभी कुछ दिन पहले ही तो , तू गया है ! कुछ इस तरह हमने ख़ुद को समझाया ! बस कुछ दिनों...
अभी कुछ दिन पहले ही तो , तू गया है ! कुछ इस तरह हमने ख़ुद को समझाया ! बस कुछ दिनों...
मुझको ऐसा लगाता है कि – आज की नारी तनधारी आत्माये ही सबसे ज्यादा ” पापी ” है आज इसकी बारी कल...
मुझको ऐसा लगाता है कि – आज की नारी तनधारी आत्माये ही सबसे ज्यादा ” पापी ” है आज इसकी बारी कल...
कभी आँधी , तो कभी तूफान कभी ठंडी सी बयार आती है सैलाब कभी ज्वार- भाटे कभी चक्रवात चले आते है कभी...
कभी आँधी , तो कभी तूफान कभी ठंडी सी बयार आती है सैलाब कभी ज्वार- भाटे कभी चक्रवात चले आते है कभी...
तुम्हारे हाथों की जंजीरें और पैरों की बेडि़यां बन जाएँ ! हम अपनी आरजुओंं और दिल की हसरतों को ऐसी इजाजते हरगिज...
तुम्हारे हाथों की जंजीरें और पैरों की बेडि़यां बन जाएँ ! हम अपनी आरजुओंं और दिल की हसरतों को ऐसी इजाजते हरगिज...