
Uttarakhand: Congress: Harish Rawat: Harish Dhami: उत्तराखंड कांग्रेस में 28 मार्च को हुई छह नेताओं की ज्वाइनिंग के बाद शुरू हुआ विवाद अब गहराता जा रहा है। पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है और हालात बगावत की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत रामनगर के नेता संजय नेगी को कांग्रेस में शामिल कराना चाहते थे, लेकिन उनकी इस मांग को तवज्जो नहीं दी गई। इससे नाराज होकर हरीश रावत 15 दिन के राजनीतिक अवकाश पर चले गए। उनके इस कदम के बाद पार्टी के भीतर उनके समर्थक नेताओं की सक्रियता बढ़ गई है।
सबसे पहले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने खुलकर हरीश रावत का समर्थन किया। इसके बाद वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत ने पलटवार करते हुए हरीश रावत पर तीखी टिप्पणी कर दी, जिससे विवाद और बढ़ गया।
अब धारचूला से कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने इस मुद्दे पर खुलकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर पार्टी नेतृत्व को चेतावनी दी और हरीश रावत के समर्थन में खड़े हो गए। धामी ने साफ कहा कि वे पूर्व मुख्यमंत्री का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
इतना ही नहीं, हरीश धामी ने हरीश रावत समर्थकों से सामूहिक इस्तीफे तक की अपील कर दी है, जिससे कांग्रेस के भीतर हलचल और तेज हो गई है। उन्होंने हरक सिंह रावत के बयान को निंदनीय बताते हुए पार्टी में सम्मानजनक व्यवहार की मांग की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह विवाद जल्द नहीं सुलझा, तो आने वाले समय में कांग्रेस को संगठनात्मक स्तर पर बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। फिलहाल, पार्टी के भीतर जारी यह खींचतान उत्तराखंड की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रही है।






