
UPSC Success Story : Ajay R Raj IAS Journey : केरल के एक छोटे से गांव से निकलकर देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करना आसान नहीं होता, लेकिन अजय आर राज ने यह कर दिखाया। 24 वर्षीय अजय ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 109 हासिल कर अपनी मेहनत और जुनून का शानदार उदाहरण पेश किया है।
कोझिकोड जिले के थोट्टिलपालम गांव के रहने वाले अजय इस समय इरिंजालकुड़ा के क्राइस्ट कॉलेज में अंग्रेजी के लेक्चरर हैं। अपनी सादगी, आत्मविश्वास और मुस्कान से उन्होंने इंटरव्यू बोर्ड को भी काफी प्रभावित किया।
बचपन में आंखों की रोशनी कमजोर हो जाने के बावजूद अजय ने इसे कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने हमेशा अपनी काबिलियत और मेहनत पर भरोसा रखा।
UPSC Success Story: अजय का सफर आसान नहीं था। उन्होंने पहले प्रयासों में असफलता देखी, लेकिन हार नहीं मानी। साल 2024 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 730 हासिल कर इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस जॉइन की, लेकिन उनका लक्ष्य IAS बनना था। पांचवें प्रयास में आखिरकार उन्होंने अपनी मंजिल हासिल कर ली।
अजय का परिवार भी उनकी ताकत बना। उनके पिता एन के राज ऑटो चलाते हैं, मां राधा गृहिणी हैं और बड़े भाई रेनोज यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। जब भी अजय को जरूरत पड़ी, उनके परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया।
पढ़ाई में भी अजय हमेशा आगे रहे। उन्होंने CBSE 12वीं में ऑल इंडिया 8वीं रैंक हासिल की और इसके बाद सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अंग्रेजी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया।
UPSC की तैयारी के दौरान उन्होंने सोशियोलॉजी को ऑप्शनल विषय चुना और LeadIAS अकादमी से कोचिंग ली। उनकी स्ट्रैटेजी साफ थी….सही दिशा में लगातार मेहनत और खुद पर भरोसा।
इंटरव्यू के दौरान भी उन्होंने अलग अंदाज अपनाया। सामान्य सवालों का उन्होंने विस्तार से जवाब दिया, जबकि अकादमिक सवालों पर संक्षिप्त और सटीक जवाब दिए। उनकी ईमानदारी और पॉजिटिव एटीट्यूड ने बोर्ड पर गहरी छाप छोड़ी।
अजय अपनी प्रेरणा मालाबार की पहली मुस्लिम महिला IAS डॉ. अदीला अब्दुल्लाह को मानते हैं। साथ ही उनके परिवार और शिक्षकों ने भी उनके सपने को मजबूत किया।
यह कहानी सिर्फ एक सफलता की नहीं, बल्कि धैर्य, मेहनत और कभी हार न मानने की सोच की मिसाल है।






