
Uttarakhand: Gas: LPG: Iran: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार जब तक कच्चे तेल की कीमत 130 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से अधिक नहीं पहुंचती, तब तक ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना कम है। सरकार का कहना है कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जिसका आवश्यकता पड़ने पर उपयोग किया जा सकता है।
सरकार ने कच्चे तेल की आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा अन्य वैकल्पिक मार्गों से भी तेल खरीद बढ़ा दी है, ताकि किसी भी संभावित संकट की स्थिति में देश में ईंधन की उपलब्धता बनी रहे।
वहीं विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) को लेकर भी चिंता की कोई बात नहीं बताई गई है। भारत एटीएफ का उत्पादक और निर्यातक देश है, इसलिए इसकी उपलब्धता पर्याप्त बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक अन्य देशों की तुलना में भारत फिलहाल बेहतर स्थिति में है।
एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर भी सरकार सतर्क है। जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अवधि 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है।
घरेलू गैस संकट से बचने के लिए सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है। इसके तहत अस्पताल, स्कूल, सरकारी संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं वाले क्षेत्रों को एलपीजी और अन्य ईंधन की आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि वाणिज्यिक कनेक्शनों की तुलना में घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी।
बताया जा रहा है कि अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नॉर्वे जैसे देशों ने भी भारत को एलपीजी बेचने के लिए संपर्क किया है, जिससे भविष्य में गैस आपूर्ति और मजबूत होने की संभावना है।






