
HomestayScheme : UttarakhandTourism : PermanentResidents : BedAndBreakfast : UTDB : CabinetApproval : TourismPolicy : उत्तराखंड कैबिनेट ने पर्यटन व्यवसाय को व्यवस्थित करने और राज्यवासियों के हित में होम स्टे योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब इस योजना का लाभ केवल राज्य के स्थायी निवासियों को ही मिलेगा। अन्य राज्यों के लोग जो 250 वर्ग मीटर भूमि खरीदकर ग्रामीण या अन्य क्षेत्रों में होम स्टे संचालित कर रहे हैं, वे अब इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। उन्हें बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना में शामिल किया जाएगा।
कैबिनेट ने इसके लिए उत्तराखंड पर्यटन, यात्रा व्यवसाय, होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट पंजीकरण नियमावली-2026 को लागू करने का निर्णय लिया। नई नियमावली में स्पष्ट किया गया है कि होम स्टे संचालक का राज्य का मूल या स्थायी निवासी होना आवश्यक होगा और संचालक अनिवार्य रूप से होम स्टे में ही रहेगा।
स्थायी निवासियों को जीएसटी, बिजली और पानी की दरों में विशेष छूट मिलेगी। वहीं अन्य राज्यों के लोग अब केवल बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना में पंजीकृत होंगे और उन्हें किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी। शहरी क्षेत्रों में बेड एंड ब्रेकफास्ट संचालित करने के लिए संबंधित सोसायटी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
पर्यटन गतिविधियों के पंजीकरण के लिए उत्तराखंड में पहले अलग-अलग नियमावलियां लागू थीं। वर्ष 2014 में पर्यटन और यात्रा व्यवसाय के लिए पंजीकरण नियमावली लाई गई, 2016 में इसमें संशोधन हुआ और होम स्टे के लिए 2015 में अलग नियमावली लागू की गई थी। अब इन सभी नियमावलियों को एक छतरी के नीचे लाया गया है और नए प्रविधान भी इसमें जोड़े गए हैं।
नई नियमावली का उद्देश्य स्थानीय निवासियों को योजना का पूरा लाभ देना और पर्यटन व्यवसाय को पारदर्शी व व्यवस्थित बनाना बताया गया है।






