Nainital-Haldwani News

बनभूलपुरा भूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश, जमीन राज्य सरकार की है !

Ad

Banbhulpura: Supreme Court: Haldwani: मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे भूमि अतिक्रमण से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। अदालत ने रेलवे परियोजना के लिए आवश्यक जमीन खाली कराने का निर्देश देते हुए कहा कि वहां रह रहे करीब 50 हजार लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर के लिए आवेदन करने का अवसर दिया जाए। इसके लिए रमजान के बाद 19 मार्च को आवेदन शिविर आयोजित किया जाएगा।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों की पात्रता का अंतिम निर्णय जिला मजिस्ट्रेट करेंगे। रेलवे लगभग 30 हेक्टेयर क्षेत्र में अपने बुनियादी ढांचे का विस्तार करना चाहता है, जिसमें कुछ भूमि रेलवे की है और कुछ राज्य सरकार की, जिसे राज्य सरकार परियोजना के लिए देने को तैयार है। अतिक्रमण के कारण यह परियोजना अब तक अटकी हुई थी। मामले की अगली सुनवाई अप्रैल में निर्धारित की गई है।

सुनवाई के दौरान पीठ ने टिप्पणी की कि जब बेहतर सुविधाओं के साथ वैकल्पिक स्थान उपलब्ध हो सकता है, तो लोगों को उसी स्थान पर रहने पर जोर देने का अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि रेलवे जैसी बड़ी परियोजनाओं के लिए निरंतर भूमि की आवश्यकता होती है और यह तय करना निवासियों का अधिकार नहीं है कि रेल लाइन कहां बिछेगी।

पीठ ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं को उसी जमीन पर पुनर्वास की मांग करने का कानूनी अधिकार नहीं है, लेकिन उनकी आजीविका प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से उन्हें आवास योजना के तहत आवेदन करने का सुझाव दिया गया।

न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि जमीन राज्य सरकार की है और उसका उपयोग कैसे किया जाए, यह निर्णय लेने का अधिकार सरकार को है। अदालत के अनुसार मुख्य मुद्दा यह है कि वहां रह रहे लोगों का पुनर्वास किस प्रकार किया जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित व्यवस्था को अधिकार से अधिक राहत के रूप में देखा जाना चाहिए।

सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से यह भी पूछा कि क्या राज्य सरकार आवास योजना के तहत जमीन अधिग्रहित कर प्रभावित परिवारों को मुआवजे के बजाय तैयार मकान उपलब्ध करा सकती है, जिससे भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
To Top