
Indian Railways Growth : Railway Jobs India : Ashwini Vaishnaw Statement : Railway Recruitment 2026 : Operating Ratio Indian Railways : देश की जीवन रेखा कही जाने वाली भारतीय रेलवे पिछले एक दशक में बड़े आर्थिक बदलाव के दौर से गुज़री है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए कहा कि रेलवे अब न केवल अपने खर्च पूरे कर रही है…बल्कि वित्तीय वर्ष के अंत में राजस्व अधिशेष भी दर्ज कर रही है।
मंत्री के अनुसार वित्त वर्ष 2024–25 में रेलवे का ऑपरेटिंग रेशियो 98.22% रहा, जो बेहतर वित्तीय प्रबंधन का संकेत है। इस अवधि में रेलवे की सकल ट्रैफिक आमदनी 2.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही और लगभग 2,660 करोड़ रुपये का अधिशेष दर्ज किया गया। एक दशक पहले रेलवे को दैनिक खर्चों को संतुलित रखने में भी कठिनाइयाँ आती थीं…लेकिन अब स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
दस वर्षों में 5 लाख से अधिक नौकरियाँ
रेल मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से 2024 के बीच रेलवे में लगभग 5.04 लाख युवाओं को रोजगार मिला। इनमें ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, तकनीशियन, क्लर्क, इंजीनियर और ग्रुप-डी जैसे कई पद शामिल हैं। इससे रेलवे देश के सबसे बड़े सरकारी रोजगार प्रदाताओं में बना हुआ है।
तीसरे कार्यकाल में 1.5 लाख नई भर्तियाँ
सरकार के वर्तमान कार्यकाल में रेलवे में 1.5 लाख नई भर्तियों की प्रक्रिया चल रही है। कई परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं और कुछ पदों पर जल्द ही नई अधिसूचनाएँ जारी होने की संभावना है।
खर्च नियंत्रण से खुला विकास का रास्ता
रेलवे ने ऊर्जा लागत में लगभग 5,500 करोड़ रुपये की बचत की है। डीजल और बिजली खर्च में कमी, बेहतर रखरखाव और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से संचालन लागत घटी है। इससे नई परियोजनाओं और रोजगार सृजन के लिए संसाधन उपलब्ध हुए हैं।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा
रेलवे ने 18,000 असिस्टेंट लोको पायलट पदों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली है और नियुक्तियाँ शुरू हो चुकी हैं। परीक्षाओं के दौरान अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष ‘वार रूम’ भी बनाया गया…जिससे परीक्षा केंद्रों और चयन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों का त्वरित समाधान हो सके।
क्षेत्रीय परियोजनाओं से बढ़ेंगे अवसर
पूर्वोत्तर राज्यों के लिए रेलवे बजट बढ़ाकर 11,486 करोड़ रुपये किया गया है। नई रेल लाइनों, स्टेशनों और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा पंजाब, केरल, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर में भी आगामी परियोजनाएं रोजगार सृजन को गति देंगी।
रेल मंत्रालय का कहना है कि रेलवे का यह वित्तीय और संरचनात्मक सुधार भविष्य में देश की अर्थव्यवस्था और युवाओं के रोजगार के लिए मजबूत आधार साबित होगा।






