
Census 2026 Uttarakhand : Ministry of Home Affairs : Census Notification : Boundary Freeze : Dehradun Census Training : केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जनगणना की अधिसूचना जारी होने के बाद उत्तराखंड में प्रशासनिक और भौगोलिक सीमाएं सील कर दी गई हैं। अब जनगणना पूरी होने तक किसी भी जिले, तहसील, नगर निकाय, पंचायत या वार्ड की सीमाओं में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
अधिकारियों के अनुसार जनगणना के सही आंकड़े तैयार करने के लिए सीमाओं का स्थिर रहना जरूरी है। यदि जनगणना के दौरान सीमाएं बदली जाती हैं तो जनसंख्या का डाटा गलत हो सकता है। हालांकि इस व्यवस्था से सामान्य सरकारी कामकाज और सार्वजनिक सुविधाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
तीन चरणों में होगी जनगणना
प्रदेश में जनगणना का कार्य तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक मकान सूचीकरण और गणना का काम होगा। दूसरे चरण में 11 से 30 सितंबर 2026 तक बर्फबारी वाले क्षेत्रों में लोगों की गणना की जाएगी…क्योंकि इन इलाकों के लोग सर्दियों में अन्य स्थानों पर चले जाते हैं। तीसरे चरण में 9 से 28 फरवरी 2027 तक अन्य क्षेत्रों में देशभर के साथ जनगणना होगी।
16 फरवरी से शुरू होगा प्रशिक्षण
जनगणना कार्य के लिए 16 फरवरी से चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। इस प्रक्रिया में 23 कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। इनके माध्यम से प्रदेश में 555 फील्ड ट्रेनर तैयार किए जाएंगे…जो आगे 4,000 सुपरवाइजर और करीब 30 हजार कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। 25 मार्च से 7 अप्रैल के बीच कर्मचारियों और सुपरवाइजर को प्रशिक्षण दिया जाएगा। हर बैच में 40 कर्मचारियों को तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जनगणना कार्य निदेशालय उत्तराखंड की निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रदेश की सीमाएं सील हो गई हैं और जनगणना पूरी होने तक यह व्यवस्था लागू रहेगी।






