
Rudrapur : Casuarina : FarmersFair : NainiPaperLimited : SustainableFarming : WaterEfficientCrops : किसानों को नई तकनीक और बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किसान मेले में उद्यान प्रदर्शनी के तहत कई कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए। इसी कड़ी में नैनी पेपर लिमिटेड ने भी एक विशेष स्टॉल लगाकर किसानों को कैसुरीना (Casuarina) के पौधों और उनके लाभों के बारे में जानकारी दी।
कंपनी के रीजनल मैनेजर विकास सिंह ने कहा कि कैसुरीना का पेड़ यूकेलिप्टस की तुलना में कम पानी में उग जाता है…जिससे यह किसानों के लिए अधिक लाभदायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने कैसुरीना के मदर स्टॉक से क्लोनल पौध तैयार किए हैं और करीब 10 एकड़ में प्लांटेशन किया गया है।
विकास सिंह के अनुसार, एक एकड़ भूमि में लगभग 1,800 से 2,000 कैसुरीना के पौधे लगाए जा सकते हैं…जिससे 1200 से 1500 क्विंटल लकड़ी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा इसकी पल्प क्वालिटी यूकेलिप्टस से बेहतर होने के कारण कागज उत्पादन में रसायनों की खपत कम होती है…जिससे उत्पादन अधिक किफायती बनता है।
कैसुरीना के पेड़ की एक खासियत यह भी है कि यह 4 से 5 साल में तैयार हो जाता है…जबकि यूकेलिप्टस को 5-6 साल का समय लगता है। सिंचाई के मामले में भी यह लगभग आधे पानी में तैयार हो जाता है और तराई क्षेत्र में इसकी CH 05 वैरायटी साल के किसी भी समय रोपी जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती पानी की समस्या को देखते हुए किसानों के लिए ऐसे विकल्पों की जरूरत है जो कम पानी में अधिक उत्पादन दें। प्रशासन भी समय-समय पर जल संरक्षण और वैकल्पिक फसलों की ओर किसानों को प्रोत्साहित कर रहा है। इस पहल से भविष्य में किसानों और पर्यावरण दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद है।






