
FakeIDs : BangladeshCitizens : Dehradun : CSCScam : NationalSecurity : AadhaarFraud : LawEnforcement : Uttarakhand News : देहरादून में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी तरीके से भारतीय पहचान पत्र और दस्तावेज दिलाने का संगठित नेटवर्क उजागर हुआ है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए पूरे जिले के सभी कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) की जांच के आदेश दे दिए हैं।
पुलिस की जांच में पता चला है कि शहर और आसपास के इलाकों में कुछ CSC के जरिए बांग्लादेशियों के आधार कार्ड, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। इन फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर वे सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और अन्य सेवाओं तक पहुंच बना चुके थे।
जांच में यह भी सामने आया कि दस्तावेजों की तैयारी में जानबूझकर गलत पता, फर्जी परिवार विवरण और मनगढ़ंत पहचान फीड की गई थी। कई मामलों में स्थानीय सत्यापन पूरी तरह दरकिनार किया गया। जिला प्रशासन अब यह पता लगा रहा है कि किन CSC से कितने दस्तावेज जारी किए गए और इसके बदले कितनी रकम ली गई।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह कोई अकेला मामला नहीं है…बल्कि एक पूरा नेटवर्क सक्रिय था। इसमें CSC संचालक, दस्तावेज जुटाने वाले बिचौलिए और विदेशी नागरिक शामिल हो सकते हैं। पुलिस पिछले एक-दो साल में जारी संदिग्ध आधार और पहचान पत्रों का डाटा खंगाल रही है और आने वाले दिनों में और राजफाश होने की संभावना है।
जिन बांग्लादेशी नागरिकों के दस्तावेज फर्जी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं फर्जीवाड़े में शामिल लोगों की गिरफ्तारी भी तय मानी जा रही है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि विदेशी नागरिकों को भारतीय पहचान मिलना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे फर्जी दस्तावेजों के सहारे सिम कार्ड, बैंक खाते, राशन कार्ड और अन्य संवेदनशील सुविधाएं ली जा सकती हैं। दोषी पाए जाने वाले CSC संचालकों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण और आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। किसी भी स्तर पर मिलीभगत या लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।






