
Uttarakhand news : Sitarganj : road accident : Navjot Singh : family tragedy : कभी-कभी जिंदगी की क्रूर विडंबना इंसान को शॉक में डाल देती है। ऐसा ही हुआ नवजोत सिंह और उनके परिवार के साथ। चार साल से विदेश में नौकरी कर रहे पिता जसवंत सिंह आखिरकार छह जनवरी को भारत लौटे। लंबे समय बाद पिता-पुत्र की मुलाकात बेहद भावुक रही।
नवजोत अपने पिता को दिल्ली से लेकर अपने गांव नवदिया हरैया (अमरिया) जिला पीलीभीत पहुंचे। चार दिन तक घर में खुशियों का माहौल रहा। पिता और बेटे ने साथ बैठकर पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और सपनों पर चर्चा की। फूफा कुलवंत सिंह ने कहा कि नवजोत आईएलटीएस की तैयारी कर रहा था और कंप्यूटर का प्रशिक्षण भी ले रहा था।
लेकिन इसी खुशी के चार दिन बाद दस जनवरी को नवजोत का रास्ते में सड़क हादसे में निधन हो गया। वह सितारगंज में कोचिंग जाने के लिए बाइक पर निकला था, तभी यह हादसा हो गया।
नवजोत मझौला स्थित एक निजी विद्यालय में 11वीं कक्षा का छात्र था। पिता विदेश में रहकर बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे थे…लेकिन लौटने के चार दिन बाद ही उनका बेटा हमेशा के लिए उनसे छिन गया।
हादसे की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। मां बदहवास हैं और पिता गहरे शोक में हैं। पूरे गांव में मातम का माहौल है। लोग यही कह रहे हैं कि चार साल का इंतजार और चार दिन की खुशी नवजोत के परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई।






