
Bageshwar : NCC Cadet : Republic Day Camp : Women Leadership : Manasi Vishwakarma : Pride of Uttarakhand : उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के लिए गर्व और खुशी का अवसर है। पंडित बद्रीदत्त पांडे परिसर की छात्रा और 81 यूके बटालियन एनसीसी की वरिष्ठ अवर अधिकारी (SUO) मानसी विश्वकर्मा को वर्ष 2026 के 77वें गणतंत्र दिवस शिविर (Republic Day Camp – RDC) में उत्तराखंड निदेशालय की वरिष्ठ विंग (लड़कियों) दल का नेतृत्व करने का अवसर मिला।
राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में मानसी ने उत्तराखंड की प्रमुख प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया…जिससे पूरे जिले और राज्य का मान बढ़ा। उन्हें 148 एनसीसी कैडेटों की मार्चिंग टुकड़ी का कमांडर नियुक्त किया गया, और उनकी जिम्मेदारी केवल परेड के दौरान टुकड़ी का नेतृत्व करने तक सीमित नहीं थी। उन्हें अनुशासन, तालमेल, आत्मविश्वास और समर्पण का उदाहरण पेश करना भी था।
81 यूके बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल सत्येंद्र त्रिपाठी ने कहा कि मानसी की यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि मानसी भविष्य में भी एनसीसी और राज्य का नाम रोशन करेंगी। पंडित बद्रीदत्त पांडे परिसर के निदेशक और एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. कमल किशोर जोशी ने भी मानसी की सफलता पर हर्ष व्यक्त किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी।
हर बेटी के लिए प्रेरणा
मानसी के पिता चंदन प्रसाद ने कहा कि बेटी की यह उपलब्धि पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। बचपन से ही मानसी अनुशासनप्रिय और मेहनती रही हैं। एनसीसी के माध्यम से उन्होंने नेतृत्व, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना को आत्मसात किया। माता अनीता देवी ने कहा कि मानसी की सफलता हर उस बेटी के लिए प्रेरणा है….जो बड़े सपने देखती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह मुकाम मानसी की मेहनत और शिक्षकों तथा एनसीसी अधिकारियों के मार्गदर्शन का परिणाम है।
शिक्षक और अधिकारी भी खुश
शिक्षक डॉ. संजय टम्टा ने कहा कि मानसी आरडीसी जैसे राष्ट्रीय मंच पर चयन और नेतृत्व की क्षमताओं का उदाहरण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि मानसी भविष्य में शिक्षा और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेंगी। साथ ही सूबेदार मेजर सुरेंद्र सिंह पवार, सूबेदार जसबीर सिंह, सूबेदार दृगपाल सिंह, कुंवर सिंह और कैलाश रावत ने भी मानसी को शुभकामनाएं दी और उनके परिश्रम, आत्मअनुशासन व नेतृत्व गुणों की प्रशंसा की।
मानसी विश्वकर्मा की यह उपलब्धि न केवल बागेश्वर और पंडित बद्रीदत्त पांडे परिसर के लिए गर्व का विषय है….बल्कि पूरे उत्तराखंड की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत भी है। यह साबित करती है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।






