
UPNL : EqualPay : UttarakhandNews : GovernmentEmployees : CabinetDecision : उत्तराखंड में उपनल (UPNL) के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पहले चरण में एक जनवरी 2016 से पहले नियुक्त कर्मचारियों को नियमित कार्मिकों के समान वेतन देने का निर्णय लिया है। इस फैसले से लंबे समय से समान वेतन की मांग कर रहे हजारों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सचिव-गोपन शैलेश बगोली नेकहा कि कैबिनेट बैठक में इस संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है और जल्द ही इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किए जाएंगे।
लंबे समय से चल रहा था आंदोलन
उपनल कर्मचारी पिछले करीब दस वर्षों से समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इस मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी सरकार को समान कार्य के बदले समान वेतन देने के निर्देश दिए थे। राज्य सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी….लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने हाईकोर्ट के निर्णय को बरकरार रखा।
हाल ही में राज्य कैबिनेट ने समान वेतन देने का निर्णय लिया था और एक जनवरी 2016 को कट-ऑफ तिथि तय की गई थी। हालांकि इससे 31 दिसंबर 2015 तक सेवा दे रहे कुछ कर्मचारी लाभ से वंचित हो रहे थे। 11 फरवरी को हुई कैबिनेट बैठक में इस विसंगति पर स्वतः संज्ञान लेते हुए संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिससे अब 31 दिसंबर 2015 तक नियुक्त कर्मचारी भी पहले चरण में शामिल किए जाएंगे।
तीन चरणों में लागू होगी योजना
राज्य सरकार ने वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए समान वेतन योजना को तीन चरणों में लागू करने का निर्णय लिया है।
पहला चरण: एक जनवरी 2016 से पहले नियुक्त कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
दूसरा चरण: 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त अन्य कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा।
तीसरा चरण: शेष सभी उपनल कर्मचारियों को समान वेतन के दायरे में लाया जाएगा।






