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उत्तराखंड : 3 घंटे 44 मिनट 54 सेकंड तक पद्म शीर्षासन, ओम योगी ने रचा इतिहास

Om Yogi Vishal Bhardwaj
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Om Yogi Vishal Bhardwaj : Padma Shirshasana World Record : Central Sanskrit University Devprayag : Guinness World Record : International Book of Records : हौसले बुलंद हों तो मुश्किलें भी छोटी लगने लगती हैं। इस कहावत को सच कर दिखाया है ओम योगी विशाल भारद्वाज ने। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय रघुनाथ कीर्ति परिसर देवप्रयाग के बीएससी (योग) तृतीय वर्ष के छात्र ओम ने पद्म शीर्षासन में अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए चौथा विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

3 घंटे 44 मिनट 54 सेकंड तक किया पद्म शीर्षासन

उत्तर प्रदेश के बागपत में आयोजित कार्यक्रम में ओम ने 3 घंटे 44 मिनट 54 सेकंड तक लगातार पद्म शीर्षासन में स्थिर रहकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ समय 2 घंटे 9 मिनट था। इस उपलब्धि ने योग जगत में उन्हें नई पहचान दिलाई है।

गर्दन में चोट, फिर भी नहीं टूटा हौसला

ओम अब तक तीन बार International Book of Records और एक बार Guinness World Records में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। खास बात यह है कि अभ्यास के दौरान गर्दन में गंभीर चोट लगने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें यह आसन न करने की सलाह दी थी। लेकिन दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने वापसी की और एक बार फिर विश्व रिकॉर्ड बनाकर सबको चौंका दिया।

मां का संघर्ष बना सबसे बड़ी ताकत

ओम की सफलता के पीछे उनकी मां उमा देवी का संघर्ष और त्याग है। पिता के निधन के बाद उन्होंने साधारण नौकरी कर बेटे को आगे बढ़ाया। आज ओम के पास 110 से अधिक मेडल, 90 ट्रॉफियां और ‘राष्ट्रीय गौरव एवं उत्कृष्टता पुरस्कार 2026’ जैसे सम्मान हैं।

50 हजार से अधिक लोगों को सिखा चुके हैं योग

ओम अब तक 50 हजार से ज्यादा लोगों को योग से जोड़ चुके हैं। साथ ही, देवप्रयाग स्थित पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय में सप्ताह में दो दिन बच्चों को योग का प्रशिक्षण भी दे रहे हैं।

उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से विश्वविद्यालय परिसर और पूरे देवप्रयाग क्षेत्र में खुशी की लहर है। ओम योगी विशाल भारद्वाज आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।

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