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उत्तराखंड: सरकारी स्कूलों की खाली होती कक्षाएं भरने की तैयारी, आंगनबाड़ी केंद्र अब स्कूल परिसर मे खुलेंगे

Education Policy
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Uttarakhand : Nainital : Education Reform : Anganwadi Integration : Antibiotic Control : District Review : नैनीताल में सरकारी प्राथमिक स्कूलों में घटती छात्र संख्या और आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत तीन से छह वर्ष के बच्चों के निजी स्कूलों की ओर रुख करने से शासन की चिंता बढ़ गई है। इस स्थिति को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि अब नए आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय परिसरों में ही खोले जाएंगे। साथ ही यह भी तय किया गया है कि जब तक किसी प्रस्तावित प्राथमिक विद्यालय परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्था नहीं होगी तब तक नए प्राथमिक स्कूल को स्वीकृति नहीं दी जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि आंगनबाड़ी में पंजीकृत बच्चों का छह वर्ष की आयु के बाद सीधे प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित हो सके। विद्यालय परिसरों में बच्चों के लिए खेल मैदान भी विकसित किए जाएंगे।

जिले में बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोरों द्वारा एंटीबायोटिक दवाएं दिए जाने के मामलों पर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रभारी सचिव ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को निर्देश दिए हैं कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक की बिक्री न हो। फार्मासिस्टों को भी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे। यह कदम एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की बढ़ती समस्या को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नैनीताल क्लब में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद प्रभारी सचिव चंद्रेश यादव ने कहा कि जिला योजना, राज्य योजना और केंद्र पोषित योजनाओं के क्रियान्वयन में नैनीताल जिला प्रदेश में अग्रणी रहा है…लेकिन योजनाओं का भौतिक सत्यापन जरूरी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पलायन रोकने के लिए चलाई जा रही रोजगारपरक योजनाओं, सामुदायिक शौचालयों के निर्माण, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अन्य विकास कार्यों का जमीनी स्तर पर सत्यापन किया जाए।

शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हरिनगर ऑटोमेटेड पार्किंग परियोजना की कार्यदायी संस्था का चयन जल्द किया जाएगा, जबकि मेट्रोपोल पार्किंग के लिए नई निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है। सीवरेज परियोजना के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए पटुवाडांगर स्थित जैव प्रौद्योगिकी विभाग की भूमि की एनओसी जल्द मिलने की उम्मीद है।

प्रभारी सचिव ने मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को गंभीरता से लेने और उनका प्राथमिकता से निस्तारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि विकास योजनाओं का लाभ आम जनता तक प्रभावी रूप से पहुंचे…यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

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