
Kids Fitness | Screen Addiction | Sports Scholarship | Health Alert : बच्चों की सेहत को लेकर एक गंभीर मुद्दे सामने आ रहे है। मोबाइल और टीवी की बढ़ती लत अब बच्चों की फिटनेस पर भारी पड़ रही है। कम उम्र में ही बच्चों में ब्लड प्रेशर, मधुमेह और थायराइड जैसी बीमारियां देखने को मिल रही हैं।
जिला क्रीड़ाधिकारी निर्मला पंत का कहना है कि माता-पिता को अब अपने बच्चों का टैलेंट पहचानना होगा और उन्हें खेल मैदान की ओर प्रोत्साहित करना होगा। उनका मानना है कि खेल न सिर्फ शरीर को फिट रखते हैं…बल्कि बच्चों के भविष्य को भी मजबूत बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि जो बच्चे खेलों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं उन्हें सरकार की ओर से छात्रवृत्ति के साथ स्टेडियम में मुफ्त प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इसके लिए बच्चों को न्याय पंचायत से लेकर जिला स्तर तक ट्रायल में हिस्सा लेना होता है…जहां फिटनेस और खेल प्रदर्शन के आधार पर चयन किया जाता है।
खेलों में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए भी कई विकल्प मौजूद हैं। बीपीएड जैसे कोर्स के साथ-साथ कोचिंग डिप्लोमा करके भी खेल क्षेत्र में रोजगार पाया जा सकता है।
वहीं खेल छात्रावास में प्रवेश के लिए अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू होती है। कक्षा 6 से ऊपर के छात्र इसमें भाग ले सकते हैं, जिसके लिए जिला और राज्य स्तर के ट्रायल पास करना जरूरी होता है।
सरकार की योजनाओं का भी बच्चों और युवाओं को लाभ मिल रहा है। “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना” के तहत 8 से 14 वर्ष के बच्चों को हर महीने छात्रवृत्ति दी जाती है…जबकि “मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना” में 14 से 23 वर्ष के युवाओं को आर्थिक सहायता मिलती है।
खेल विभाग का मानना है कि अगर बच्चे स्क्रीन से दूरी बनाकर मैदान में समय बिताएं, तो वे न केवल स्वस्थ रहेंगे बल्कि देश और राज्य का नाम भी रोशन कर सकते हैं।






