
ChampawatNews : IndianArmy : UttarakhandNews : Banbasa : MilitaryFuneral : SoldierTribute : चंपावत जिले के बनबसा क्षेत्र से दुखद खबर सामने आई है। छुट्टी पर घर आए भारतीय सेना के हवलदार हरीश चंद का अचानक तबीयत बिगड़ने से निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन से परिवार ही नहीं…पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। मंगलवार 10 फरवरी को बनबसा के शारदा घाट में उनका अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ किया गया।
शादी में शामिल होने आए थे घर
जानकारी के अनुसार बनबसा के सीमांत गांव गड़ीगोठ निवासी 35 वर्षीय हरीश चंद भारतीय सेना में हवलदार पद पर तैनात थे। वह इस समय 12 कुमाऊं रेजीमेंट, पिथौरागढ़ में सेवा दे रहे थे। इन दिनों वे 25 दिन की छुट्टी पर अपने घर आए हुए थे….क्योंकि उन्हें अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होना था।
9 फरवरी की तड़के करीब 3 बजे अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। अस्पताल ले जाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
पीछे छूट गया छोटा परिवार
हरीश चंद अपने पीछे पत्नी आशा चंद और दो साल के बेटे कृष को छोड़ गए हैं। घर में जहां कुछ दिन पहले शादी की खुशियां थीं, वहीं अब मातम का माहौल है। गांव के लोग लगातार परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। उनके निधन पर गौरव सेनानी पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष रिटायर्ड कैप्टन भानी चंद सहित कई पूर्व सैनिकों ने शोक जताया है।
परिवार में कई सदस्य सेना से जुड़े
हरीश चंद साल 2010 में सेना में भर्ती हुए थे। उनके बड़े भाई भी सेना में तैनात हैं और वर्तमान में सिकंदराबाद से घर लौट रहे हैं। मंझला भाई विदेश में नौकरी करता है। हरीश परिवार में सबसे छोटे थे और 17 फरवरी को उन्हें दोबारा ड्यूटी पर लौटना था।
उनके आकस्मिक निधन से गांव गड़ीगोठ में शोक का माहौल है। उत्तराखंड को वीरों की भूमि कहा जाता है…जहां से बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होकर देश सेवा करते हैं। हवलदार हरीश चंद का निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।






