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उत्तराखंड में मदरसों को लेकर बड़े बदलाव, कुछ ही महीनों में भंग हो जाएगा बोर्ड

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Uttarakhand: Madarsa Board: Education: उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहा है। राज्य सरकार ने 1 जुलाई से मदरसा बोर्ड को भंग करने का निर्णय लिया है, जिसके बाद सभी मदरसों को नई नियमावली के तहत संचालित करना अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था के अनुसार, मदरसों को उत्तराखंड अल्पसंख्यक प्राधिकरण की धारा 14 के तहत निर्धारित 11 सख्त शर्तों को पूरा करना होगा, जिनमें मान्यता प्राप्त शिक्षकों की नियुक्ति, राज्य शिक्षा परिषद से संबद्धता, संस्थान का पंजीकरण, पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना शामिल है।

सरकार का उद्देश्य मदरसों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना और छात्रों को आधुनिक व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून काश्मी के अनुसार अब मदरसों में पढ़ाई राज्य शिक्षा बोर्ड के सिलेबस के अनुसार होगी, जिसमें दिन के समय सामान्य विषयों की पढ़ाई और धार्मिक शिक्षा अलग समय में कराई जाएगी। राज्य में वर्तमान में 482 मान्यता प्राप्त मदरसों में 50 हजार से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था के तहत छात्रों को अब हाईस्कूल और इंटर के समकक्ष प्रमाण पत्र मिलेंगे, जिससे उनके लिए आगे की पढ़ाई और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि छोटे और बड़े मदरसों के लिए अलग-अलग व्यवस्था लागू की जाएगी और शुरुआती चरण में संस्थानों को नियमों के अनुरूप ढलने के लिए समय भी दिया जा सकता है।

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