
Khatima News : Chief Minister Pushkar Singh Dhami : Uttarayani Mela : Cultural Festival : Development Announcement : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊँ सांस्कृतिक उत्थान मंच, खटीमा द्वारा बीज निगम परिसर में आयोजित उत्तरायणी कौतिक मेले का दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पर्वतीय विकास भवन के निर्माण की घोषणा करते हुए जिलाधिकारी को शीघ्र भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने उत्तरायणी मेले को राज्य के वार्षिक कैलेंडर में सम्मिलित कर आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा समिति के अनुरोध पर मंच निर्माण कराने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मकर संक्रांति का पर्व आध्यात्मिक और वैज्ञानिक, दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सूर्य के उत्तरायण होने के इस पावन अवसर पर नई ऊर्जा, नई आशा और नई शुरुआत का संदेश मिलता है। उन्होंने कहा कि उत्तरायणी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन दर्शन का उत्सव है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं और हमारी सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि बदलते समय में अपनी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के साथ-साथ सनातन संस्कृति के गौरव को वैश्विक स्तर पर स्थापित कर रहा है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र से प्रेरित होकर राज्य सरकार उत्तराखंड को विकास का आदर्श मॉडल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा उनके लिए केवल एक विधानसभा क्षेत्र नहीं…बल्कि उनका घर है। उन्होंने यहां स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण हेतु किए गए कार्यों का उल्लेख किया। खटीमा में हाईटेक बस स्टैंड, आधुनिक आईटीआई, पॉलीटेक्निक कॉलेज, 100 बेड का अस्पताल, राष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम, सड़क नेटवर्क, गदरपुर व खटीमा बाईपास, नौसर पुल तथा खटीमा-टनकपुर के बीच प्रस्तावित सैन्य स्मारक जैसे विकास कार्यों से क्षेत्र को नई दिशा मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एम.कॉम और एम.एससी. की कक्षाएं प्रारंभ की गई हैं तथा जनजाति बहुल क्षेत्रों में एकलव्य विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि खटीमा के विकास की गति कभी रुकने नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी आई है और सरकार ने सख्त कानूनों के माध्यम से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की है। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति और पारदर्शी डीबीटी प्रणाली से शासन व्यवस्था मजबूत हुई है। आज हजारों युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी रोजगार मिला है और राज्य की अर्थव्यवस्था में निरंतर वृद्धि हो रही है।
मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति की वास्तविक संवाहक महिलाएं हैं। महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि में विकास, संस्कृति और कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है और यह लक्ष्य संकल्प के साथ पूरा किया जाएगा।






