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रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा विकेट, क्या उत्तराखंड के मयंक मिश्रा को मिलेगा बड़ा तोहफा

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Uttarakhand News: Mayank Mishra: Ranji Trophy: उत्तराखंड क्रिकेट टीम ने रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। एक बार फिर जीत की स्क्रिप्ट मयंक मिश्रा ने ही तैयार की, बल्लेबाज बड़ा स्कोर तो बना देते हैं लेकिन टेस्ट मैच टीम को गेंदबाज ही जीताता है। 2025-2026 सीजन में मयंक ने उत्तराखंड के लिए कुछ ऐसा ही प्रदर्शन किया है।

मयंक के आंकड़े कमाल के हैं

उत्तराखंड के लिए क्वार्टर फाइनल मुकाबले के खत्म होने तक मयंक मिश्रा ने 2025-2026 सीजन में कुल 7 मुकाबले खेले और अब तक 52 विकेट हासिल कर चुके हैं। आम क्रिकेट फैंस की तरह हिसाब लगाए तो मयंक हर मैच में 7 विकेट से ज्यादा ले रहे हैं। ताजा आंकड़ों पर गौर करें तो रुद्रपुर निवासी और हल्द्वानी में अभ्यास करने वाले मयंक रणजी ट्रॉफी में विकेट लेने के मामले में सबसे आगे चल रहे हैं। मयंक का गेंदबाजी औसत 15.42 है। इस सीजन में वो एक पारी में 4 बार पंजा खोल चुके हैं।

उत्तराखंड के लिए मयंक और रिकॉर्ड

मयंक हमेशा से उत्तराखंड के ट्रंप कार्ड रहे हैं लेकिन कई मौके पर उन्हें बाहर भी बैठना पड़ा है। बता दें कि क्रिकेट एसोशिएशन ऑफ उत्तराखंड टीम में गेस्ट खिलाड़ियों को भी जगह देती रही है। पिछले कुछ वर्षों में उसी एक खिलाड़ी के चलते मयंक को बैंच पर बैठना भी पड़ा लेकिन इस खिलाड़ी ने हार नहीं मानी और अब वो घरेलू क्रिकेट में उत्तराखंड के लिए 200 से ज्यादा विकेट ले चुका है। उत्तराखंड के लिए मयंक मिश्रा ने साल 2019-2020 सीजन में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में गोवा के खिलाफ हैट्रिक जमाई थी। साल 2021-2022 सीजन में भी उत्तराखंड ने नॉक आउट तक का सफर तय किया था और मयंक ने उस साल भी कमाल का प्रदर्शन किया था।

काउंटी में भी किया कमाल

घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन का फल मयंक को मिला। वो 2021 से लगातार इंग्लैंड में प्रोफेशनल क्रिकेट खेल रहे हैं और 300 से ज्यादा विकेट भी हासिल कर चुके हैं। मयंक कई बार बोल चुके हैं कि इंग्लैंड में खेलने के वजह से वो ऑफ सीजन का भी अच्छा इस्तेमाल कर पाते हैं।

क्या मिलेगी भारतीय टीम में एंट्री

रणजी ट्रॉफी को भारतीय टीम में एंट्री का दरवाजा कहा जाता है। मयंक अपने करियर के टॉप फॉर्म में हैं। वो अपनी टीम के लिए वो सब कर चुके हैं जो एक खिलाड़ी करता है और रिकॉर्ड इस बात का सबूत है। पर क्या ये प्रदर्शन नेशनल चयनकर्ताओं को अपनी ओर खींच सकता है या फिर नए राज्य व नई टीम की मोहर के वजह से मयंक को अभी इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इस परीपार्टी को बीसीसीआई ने तोड़ा है। उत्तराखंड के क्रिकेट फैंस को उम्मीद है कि बिहार के वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी को मौका मिल सकता है तो मयंक भी ये सब डिजर्व करते हैं।

सेमीफाइनल पर सभी की नजर

उत्तराखंड को सेमीफाइनल कर्नाटक के खिलाफ खेलना है। कर्नाटक को रणजी ट्रॉफी की दिग्गज टीम कहा जाता है। कर्नाटक टीम उस बात सबूत है कि रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतने से भारतीय टीम में एंट्री के मौके भी खुलते हैं। कर्नाटक के कई खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा हैं और पूर्व में भी रहे हैं। ऐसे में लखनऊ के मैदान पर उत्तराखंड टीम इतिहास रचने के साथ-साथ एक नया अध्याय शुरू करने की कोशिश भी करेगी। टीम खिताब से दो मैच दूर हैं। क्रिकेट में कुछ भी संभव है। अगर ये ट्रॉफी देवभूमि आती है तो यकीन मानिए… एक टीम की जीत से उत्तराखंड के कई युवाओं के लिए नीली जर्सी के दरवाजे खुल सकते हैं।

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