
Thanya Nathan C : Kerala Blind Judge : Success Story India : Judicial Service Exam : Inspirational Story : केरल के कन्नूर जिले की रहने वाली थान्या नाथन सी ने कठिन परिस्थितियों को अपनी ताकत बनाकर न्यायिक सेवा परीक्षा पास की है। जन्म से दृष्टिबाधित होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और सिविल जज परीक्षा में सफलता हासिल कर जज बनने का सपना पूरा किया। उनकी उपलब्धि आज कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है।
24 वर्षीय थान्या नाथन ने न्यायिक सेवा की सिविल जज परीक्षा में दिव्यांग श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया है। वह केरल की पहली दृष्टिबाधित महिला जज बनी हैं। इससे पहले वर्ष 2013 में राजस्थान के ब्रह्मानंद शर्मा देश के पहले पूर्ण दृष्टिहीन जज बने थे।
थान्या ने अपनी शुरुआती पढ़ाई विशेष स्कूल से की और बाद में 10वीं व 12वीं की शिक्षा सामान्य स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई करने का फैसला किया। उन्होंने कन्नूर विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की और विश्वविद्यालय में शीर्ष स्थान हासिल किया। अपने कॉलेज में वह एकमात्र दृष्टिबाधित छात्रा थीं।
पढ़ाई और कानूनी तैयारी के दौरान थान्या ने स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर, ब्रेल और ऑडियो नोट्स की मदद ली। वह कन्नूर के तालिपरम्बा में वकालत का अभ्यास भी कर चुकी हैं।
थान्या नाथन की यह सफलता दिखाती है कि मजबूत इच्छा शक्ति और मेहनत से किसी भी कठिनाई को पार किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि समाज में दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा का संदेश देती है।






