
Chittaorgarh Chemical Blast : Chemical Blast News :
चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन क्षेत्र स्थित रीको औद्योगिक इलाके में सोमवार देर रात एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया। रात करीब 11 बजे मरून इंडस्ट्रीज नामक केमिकल फैक्टरी में बॉयलर फटने से भीषण विस्फोट हुआ, जिसके बाद आग भड़क उठी। धमाका इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच
हवा में उड़ते रहे भारी लोहे के टुकड़े
विस्फोट के बाद फैक्टरी से निकले भारी-भरकम लोहे के टुकड़े सैकड़ों मीटर दूर तक जा गिरे। कुछ टुकड़े पंचायत परिसर तक पहुंच गए, जिससे वहां स्थित एसडीएम और तहसीलदार कार्यालयों को नुकसान हुआ। एसडीएम कार्यालय की छत की दीवार टूट गई, जबकि अन्य हिस्सों में भी क्षति दर्ज की गई।
आसपास की फैक्टरी और मकानों पर भी असर
आग की चपेट में पास की एक स्क्रैप फैक्टरी भी आ गई। वहां का टीनशेड उड़ गया और दीवारों में दरारें आ गईं। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि स्क्रैप फैक्टरी का एक हिस्सा ढह गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि तेज धमाके से उनकी नींद खुल गई और भय के माहौल में लोग घरों से बाहर निकल आए। कुछ मकानों की छतों पर फैक्टरी के पुर्जे गिरे, जिससे टीन शेड और छतों को नुकसान पहुंचा। एक घर की छत पर गिरा वाल्व वहां लगी पट्टी को तोड़ गया।
सुबह सामने आया तबाही का मंजर
मंगलवार सुबह जब लोग बाहर निकले तो हादसे की भयावहता साफ नजर आई। बॉयलर के टुकड़े करीब 500 मीटर तक फैले मिले। कई घरों के टीन शेड टूट चुके थे और सरकारी कार्यालय परिसरों में भी मलबा बिखरा पड़ा था।
दमकल विभाग ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग बेहद तेज होने के कारण उसे बुझाने में करीब दो घंटे का समय लगा। राहत और नियंत्रण कार्य के दौरान जेसीबी मशीनों की भी मदद ली गई।
जनप्रतिनिधि और प्रशासन का बयान
कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने बताया कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है और स्थिति अब सामान्य है। हादसे के कारणों की जांच जारी है और राहत की बात यह है कि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने भी पुष्टि की कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। फैक्टरी संचालक से बातचीत के बाद कारणों की जांच की जा रही है।
एक के बाद एक हुए धमाके, शॉर्ट सर्किट की आशंका
एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि हादसे के दौरान एक के बाद एक कई विस्फोट हुए, जिससे मशीनरी के टुकड़े काफी दूर तक जा गिरे। जांच में सामने आया है कि शॉर्ट सर्किट के चलते केमिकल में आग लगी।
फैक्टरी में गुजरात से मंगाए गए केमिकल से पेन किलर दवाओं के लिए रॉ मटेरियल का एक हिस्सा तैयार किया जाता था। इस मामले में कपासन थाने में कॉन्स्टेबल जितेंद्र कुमार की ओर से केस दर्ज किया गया है।






