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उत्तराखंड: बिना मंजूरी काटे जा रहे थे प्लॉट, MDDA ने 40-50 बीघा जमीन की प्लॉटिंग कर दी सील

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MDDA Action | Illegal Plotting | Dehradun : मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अनधिकृत प्लॉटिंग और बिना मंजूरी किए जा रहे विकास कार्यों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत देहरादून के ग्राम बद्रीपुर, धर्मावाला क्षेत्र में करीब 40 से 50 बीघा जमीन पर बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के की जा रही प्लॉटिंग को सील किया गया।

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एमडीडीए के अनुसार समीर कुरैशी और भू-स्वामी की ओर से संबंधित जमीन पर प्राधिकरण से तलपट मानचित्र की मंजूरी लिए बिना प्लॉटों का चिन्हीकरण किया जा रहा था। इसकी जानकारी मिलने के बाद प्राधिकरण ने मामले में वाद दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई शुरू की।

प्रकरण में सुनवाई और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद एमडीडीए की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने बिना स्वीकृति की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की।

प्राधिकरण ने साफ किया है कि स्वीकृत मानचित्र के बिना जमीन का विकास करना, प्लॉटों का चिन्हीकरण करना या बिक्री के लिए कॉलोनी विकसित करना नियमों के तहत मान्य नहीं है। एमडीडीए की ओर से ऐसे क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अनधिकृत प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति किए जा रहे विकास कार्यों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी शिकायतों पर तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित कॉलोनी का ले-आउट या तलपट मानचित्र और एमडीडीए से मिली मंजूरी की जांच जरूर करें। बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों में पैसा लगाने पर भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानी हो सकती है।

वहीं एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के प्लॉटिंग करना नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि बद्रीपुर में प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की गई और मौके पर सीलिंग की गई। उन्होंने कहा कि अनधिकृत विकास गतिविधियों पर निगरानी आगे भी जारी रहेगी।

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