
Jeolikote Jaundice Outbreak | Contaminated Water | Ajay Bhatt : ज्योलीकोट में जल जनित बीमारी और मौतों के मामले में पानी की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जांच के लिए लिए गए पानी के सैंपलों में खतरनाक बैक्टीरिया और ई-कोलाई पाए गए हैं। इससे दूषित पानी को लेकर जल संस्थान के दावों पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
मामले में मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के सामने रिपोर्ट रखी गई। बताया गया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से देहरादून की इंडियन ड्रिंकिंग वाटर लैब में पानी की जांच कराई गई थी। इसके लिए ज्योलीकोट में 10 स्थानों से पानी के सैंपल लिए गए थे। जांच में सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे।
सांसद अजय भट्ट ने लिया स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा
ज्योलीकोट में बीमारी की स्थिति को देखते हुए सांसद अजय भट्ट ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर अधिकारियों से मरीजों को दिए जा रहे इलाज, जांच, दवाइयों और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली।
सांसद ने कहा कि जल जनित बीमारियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। दिल्ली के साथ ही नैनीताल जिले के विशेषज्ञ चिकित्सकों को भी तैनात किया गया है।
मृतकों के परिवार से मिले सांसद
सांसद अजय भट्ट ने बीमारी के कारण जान गंवाने वाली महिला और छात्र के परिवारों से भी मुलाकात की। उन्होंने परिजनों के प्रति संवेदना जताई और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद अगर किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार दोषी अधिकारियों को किसी कीमत पर नहीं छोड़ेगी।
इलाज और निगरानी पर जोर
अजय भट्ट ने कहा कि फिलहाल सरकार की प्राथमिकता बीमारी की चपेट में आए लोगों को जल्द और बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं और मरीजों के इलाज की व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।






