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उत्तराखंड महिला टीम में तीन भारतीय खिलाड़ी,अब 35 वर्षीय क्रिकेटर की एंट्री ने सभी को चौकाया

Uttarakhand Senior Women Team Selection: उत्तराखंड अंडर-19 महिला टीम ने एक बार फिर नॉकआउट में जगह बना ली है. लगातार दो बार की चैंपियन रही उत्तराखंड की बेटियां तीसरी बार चैंपियन बनकर इतिहास रचने के करीब पहुंच गई हैं. उत्तराखंड क्रिकेट फैंस को उम्मीद है कि अंडर-19 महिला टीम तीसरी बार वनडे टूर्नामेंट अपने नाम करने में जरूर कामयाब होगी. वहीं उत्तराखंड सीनियर महिला टीम भी T20 ट्रॉफी के लिए तैयार है. 19 अक्टूबर से शुरू हो रहे टूर्नामेंट में उत्तराखंड का पहला मुकाबला मणिपुर के खिलाफ नागपुर में है और टीम की कमान भारतीय टीम के लिए खेल चुकी एकता बिष्ट को दी गई है. उत्तराखंड सीनियर टीम में इंडियन क्रिकेटर एकता बिष्ट के अलावा मानसी जोशी और पूनम राउत भी शामिल हैं.

उत्तराखंड क्रिकेट टीम घरेलू सर्किट में नई है, जिसने साल 2018 से बीसीसीआई द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में हिस्सा लेना शुरू किया था और ऐसे में खिलाड़ियों को अनुभव देने के लिए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ उत्तराखंड हर साल प्रोफेशनल खिलाड़ियों के तौर पर कुछ खिलाड़ियों का चयन करती है. पुरुष सीनियर टीम में भी प्रोफेशनल खिलाड़ियों के रूप में अनुभवी खिलाड़ियों को जगह दी गई है.

प्रोफेशनल खिलाड़ियों के रूप में दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों को टीम में जगह देने के फैसले से उत्तराखंड के कई क्रिकेट विशेषज्ञ सहमत नहीं होते हैं. उनका मानना है कि राज्य के खिलाड़ियों को मौके मिलेंगे तो भविष्य में अच्छे नतीजे मिलेंगे तो वहीं संघ द्वारा अनुभव के लिए सीनियर खिलाड़ियों को जगह देने की बात कही जाती है जो प्रैक्टिकल रूप से सही भी है क्योंकि मैदान में खिलाड़ियों को अनुभव ही सीखने में मदद करता है लेकिन महिला सीनियर टीम में तीन इंडियन क्रिकेटरों के होने के बाद भी एक ऐसी महिला क्रिकेटर को जगह दी गई जो पहले ही दो राज्यों के लिए खेल चुकी है.चौकाने वाली बात ये भी है कि इस खिलाड़ी की उम्र 35 साल है. जो बात खिलाड़ी के पक्ष में जाती है वो है इंडिया ए के लिए क्रिकेट खेलना.

उत्तराखंड सीनियर महिला टीम में टी-20 टूर्नामेंट में जासिया अख्तर को जगह दी गई है. जम्मू कश्मीर में जन्मी जासिया अख्तर पंजाब और राजस्थान के लिए घरेलू क्रिकेट खेल चुकी हैं. पिछले साल उन्होंने इंडिया ए टीम में भी जगह बनाई थी. राजस्थान के लिए उन्होंने कप्तानी की है. वो महिला प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा थी लेकिन पर्याप्त मौके नहीं मिले थे. इसके बाद उनकी एंट्री उत्तराखंड महिला क्रिकेट लीग में हो गई कि जिसने सभी को चौकाया. एक तरफ उत्तराखंड की बेटियों के लिए टूर्नामेंट शुरू करने की बात कहकर वाहवाही लूटने वाले क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड ने दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों को लीग में जगह दे दी और ये बात महिला क्रिकेट पर नजर रखने वालों को हजम नहीं हुई. पिछले दिनों क्रिकेट एसोसिएशन पर इस तरह की गड़बड़ी करने के आरोप संजय गुसांई ने भी लगाए थे जो संघ के पूर्व प्रवक्ता के पद पर रहे हैं. उनका साफ कहता था कि संघ उत्तराखंड के युवाओं का हक माकर दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों की एंट्री टीम में कर रहा है.

जासिया अख्तर की उम्र 35 साल है और ऐसे में उनके चयन पर सवाल उठने लाजमी है. इस पर क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के प्रवक्ता विजय प्रताप मल्ला ने कहा कि चयन का फैसला चयनकर्ताओं द्वारा लिया गया है. जासिया को बतौर गेस्ट खिलाड़ी टीम में शामिल किया गया है और ऐसा किया जा सकता है. हालांकि 35 वर्षीय खिलाड़ी की जरूरत उत्तराखंड को तीन भारतीय खिलाड़ियों के रहते क्यों पड़ी, इस पर उन्होंने कोई ठोस जवाब नहीं दिया.

क्रिकेट एसोशिएशन ऑफ उत्तराखंड अपने कई फैसलों के चलते सुर्खियों में रहता है और इस बार भी यही हुआ है. तीन भारतीय खिलाड़ियों के होने के बाद चौथे गेस्ट खिलाड़ी को टीम में जोड़ने का फैसला चौकाने वाला है. लेकिन तमाम सवालों के जवाब में संघ एक ही जवाब देगा कि जासिया अख्तर का प्रदर्शन उत्तराखंड महिला क्रिकेट लीग में अच्छा रहेगा, अब ये तो वो बात हो गई जैसे एलीट ग्रुप की टीम का मुकाबला प्लेट ग्रुप की टीम से हो….

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