
Chamoli Tunnel Accident | Pipalkoti Rescue | Uttarakhand News : चमोली जिले के मायापुर-पीपलकोटी क्षेत्र में निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में पानी और मलबा घुसने की घटना में तीन मजदूरों की मौत हो गई। हादसे के बाद टनल में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। रेस्क्यू टीमों ने 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
अचानक टनल में भर गया पानी और मलबा
घटना गुरुवार शाम की बताई जा रही है। निर्माणाधीन टनल में काम चल रहा था…तभी अचानक पानी और मलबा अंदर पहुंच गया। कुछ ही समय में टनल के भीतर काम कर रहे मजदूरों के लिए स्थिति गंभीर हो गई और कई लोग अंदर फंस गए।
सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू कराया। स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ समेत अन्य एजेंसियों को भी रेस्क्यू में लगाया गया।
18 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया
बचाव दल ने लगातार प्रयास करते हुए 18 मजदूरों को टनल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाहर आने के बाद मजदूरों की मेडिकल जांच कराई गई और जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया गया।
हालांकि हादसे में तीन मजदूरों की जान चली गई। इस घटना के बाद मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है। प्रशासन की ओर से मृतकों और प्रभावित परिवारों से जुड़ी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
कई एजेंसियां रेस्क्यू में जुटीं
हादसे के बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, आईटीबीपी, सेना और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर सक्रिय रहीं। बचाव कार्य के लिए आवश्यक मशीनरी और उपकरण भी घटनास्थल पर लगाए गए।
टनल के अंदर पानी और मलबा होने के कारण रेस्क्यू टीमों को सावधानी के साथ काम करना पड़ा। अभियान के दौरान टनल की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी गई।
सीएम धामी ने ली पूरे मामले की जानकारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से लगातार जानकारी ली। उन्होंने राहत और बचाव अभियान को प्राथमिकता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हादसे में प्रभावित लोगों को हर जरूरी मदद उपलब्ध कराई जाए और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले। उन्होंने रेस्क्यू अभियान में लगी सभी टीमों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।
बारिश के बीच बचाव अभियान बना चुनौती
चमोली के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण मलबा और पानी आने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में टनल के भीतर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना चुनौतीपूर्ण रहा। बचाव दल ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अभियान को आगे बढ़ाया।
प्रशासन की ओर से घटनास्थल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हादसे में पानी और मलबा टनल के अंदर किस कारण और किस रास्ते से पहुंचा…इसकी विस्तृत जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
हादसे के बाद सुरक्षा पर उठे सवाल
निर्माणाधीन टनल में हुई इस घटना के बाद निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। संबंधित विभाग और एजेंसियां घटना के कारणों की जांच करेंगी। जांच के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल हादसे की सबसे बड़ी तस्वीर यही है कि तीन मजदूरों की जान चली गई, जबकि 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रशासन और बचाव एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर नजर बनाए हुए हैं।






