
UttarakhandCabinet | PushkarSinghDhami |CabinetDecisions : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में रोजगार, श्रमिकों के अधिकार, खेल, शिक्षा, न्यायिक व्यवस्था, पर्यटन, जलापूर्ति और आधारभूत विकास से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। इनमें सबसे अहम फैसला यह रहा कि अब प्रदेश की गौ पालन योजना का लाभ सामान्य वर्ग के लोगों को भी मिलेगा।
कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली 2026 को भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। अब नियोक्ताओं को हर महीने की 7 तारीख तक मजदूरी का भुगतान करना होगा। डिजिटल माध्यम से वेतन भुगतान को बढ़ावा दिया जाएगा…और पुरुष एवं महिला श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिलेगा।
प्रदेश में संचालित गौ पालन योजना में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब सामान्य वर्ग के पात्र लोग भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। योजना के तहत अधिकतम दो पशु खरीदने पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का प्रावधान रहेगा।
कैबिनेट ने उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश 2026 को भी मंजूरी दी। यह संशोधन केंद्र सरकार के जीएसटी कानून में हुए बदलावों के अनुरूप राज्य में व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए किया गया है।
नैनीताल हाईकोर्ट के प्रस्तावित नए परिसर के लिए हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में 30 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। यहां न्यायालय भवन, न्यायाधीशों के आवास, अधिवक्ताओं के चैंबर, पार्किंग और प्रशासनिक भवन विकसित किए जाएंगे।
उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के संचालन के लिए 122 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई है। लगभग 90 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण देना और मिशन ओलंपिक 2036 के अनुरूप खिलाड़ियों को तैयार करना है।
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति छात्रावासों के संचालन के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी गई है। इससे छात्रावासों के संचालन में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।
जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल योजनाओं को ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरित करने के लिए नई प्रक्रिया को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इससे स्थानीय स्तर पर पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव को मजबूती मिलेगी।
उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली में संशोधन करते हुए कुष्ठ रोग से पीड़ित लोगों को भी सहकारी समितियों का सदस्य बनने का अधिकार देने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुरूप लिया गया है।
प्रदेश में औद्योगिक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली, 2026 को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत श्रमिकों और नियोजकों के बीच विवादों के त्वरित समाधान, शिकायत निवारण प्रणाली और श्रम कानूनों को सरल बनाने पर जोर दिया गया है। साथ ही छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा अवसर देने का भी प्रावधान किया गया है।
वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली 2026 को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत निगम की सेवा शर्तों, भर्ती प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। स्केलर पदों की भर्ती के लिए 100 अंकों की परीक्षा का प्रावधान भी किया गया है।
ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) के पुनर्गठन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। समिति राज्य में नए ईको टूरिज्म हब विकसित करने और ट्रेकिंग व पर्वतारोहण से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने का काम करेगी।
कैबिनेट ने गंगा एक्सप्रेस-वे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने को मंजूरी दी है। इस परियोजना के पूरा होने से हरिद्वार की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और धार्मिक पर्यटन व व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के सहायता कोष की संचालन समिति में संशोधन, चंपावत और अन्य क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक प्रस्तावों सहित कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों पर भी कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रदेश में विकास कार्यों को गति मिलेगी और आम लोगों को सीधा लाभ पहुंचेगा।






