Chamoli News

चमोली टनल हादसा: 9 श्रमिकों की मौत, 6 अब भी लापता; ऑक्सीजन की कमी के चलते रात में रोका गया रेस्क्यू

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Chamoli | THDC Tunnel | Rescue Operation : उत्तराखंड के चमोली जिले में विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे ने सभी को झकझोर दिया। सुरंग में भारी मलबा और पानी भरने से कई श्रमिक फंस गए। हादसे में अब तक 9 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हुई है…जबकि 6 लोगों की तलाश जारी है।

घटना गुरुवार शाम करीब पौने सात बजे की बताई जा रही है। हादसे के समय सुरंग के अंदर 28 से अधिक श्रमिक काम कर रहे थे। अब तक 22 लोगों को सुरंग से बाहर निकाला जा चुका है। घायलों को गोपेश्वर जिला अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एक घायल को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है।

बताया जा रहा है कि हादसा परियोजना की करीब 3.5 किलोमीटर लंबी सुरंग में 1.8 किलोमीटर अंदर हुआ। उस समय सुरंग में निर्माण कार्य चल रहा था। अचानक तेज आवाज के साथ पानी और भारी मलबा अंदर आने लगा….जिसके बाद वहां अफरातफरी मच गई।

ऑक्सीजन की कमी और दलदल के कारण रात में रुका रेस्क्यू

सुरंग के अंदर पानी और दलदल की स्थिति बनने के साथ ऑक्सीजन की कमी की समस्या सामने आई। सुरक्षा को देखते हुए रात में राहत एवं बचाव अभियान रोक दिया गया है। एनडीआरएफ के अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार सुबह दोबारा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।

हादसे के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, आईटीबीपी, सेना और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर तैनात हैं। बचाव दल का मुख्य उद्देश्य सुरंग में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।

घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज

हादसे में घायल श्रमिकों को गोपेश्वर जिला अस्पताल, श्रीनगर और पीपलकोटी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन के अनुसार घायलों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।

दिल्ली से पहुंचेगी तकनीकी टीम

हादसे की गंभीरता को देखते हुए टीएचडीसी मुख्यालय से शुक्रवार को सीएमडी सिपन कुमार गर्ग के नेतृत्व में एक तकनीकी टीम मौके पर पहुंचेगी। परियोजना प्रबंधन ने कहा है कि फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना पहली प्राथमिकता है। प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने और हादसे की विस्तृत जांच कराने की बात भी कही गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को राहत और बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सुरंग में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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