
Haldwani Crime | Fake Army Officer |AI Fraud : हल्द्वानी पुलिस ने एक 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर सोशल मीडिया के जरिए खुद को सेना की पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बताकर लोगों को प्रभावित करने और युवतियों से संपर्क बनाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने AI की मदद से सेना की वर्दी और हथियारों वाली फर्जी तस्वीरें व वीडियो तैयार कर उन्हें फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया।
पुलिस के मुताबिक युवक वीडियो कॉल और दूसरे माध्यमों से युवतियों से बातचीत करता था। आरोप है कि बातचीत के दौरान निजी तस्वीरें और वीडियो हासिल करने के बाद वह उन्हें रिकॉर्ड करता था और बाद में पैसों की मांग करता था। पुलिस को जांच के दौरान देहरादून, दिल्ली और केरल समेत अलग-अलग जगहों की युवतियों से उसके संपर्क में होने की जानकारी मिली है।
मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली थी सूचना
पुलिस के अनुसार 1 सितंबर को मिलिट्री इंटेलिजेंस से हल्द्वानी पुलिस को युवक की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। सूचना के बाद एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने एसओजी को कार्रवाई के निर्देश दिए।
जांच में पुलिस को पता चला कि युवक सोशल मीडिया पर खुद को पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बताता था। आरोप है कि वह AI और Google Gemini जैसी तकनीक की मदद से अपनी ऐसी तस्वीरें और वीडियो तैयार करता था…जिनमें वह सेना की वर्दी में और हथियारों के साथ नजर आता था।
पुलिस का कहना है कि इन तस्वीरों और वीडियो के जरिए वह सोशल मीडिया पर अपनी फर्जी पहचान को वास्तविक दिखाने की कोशिश करता था।
चंपावत का रहने वाला है आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक की पहचान रोहित सिंह मेहता के रूप में हुई है। वह मूल रूप से चंपावत जिले का रहने वाला है और वर्तमान में गोरापड़ाव क्षेत्र में रह रहा था।
पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड और सेना का फर्जी पहचान पत्र बरामद करने की बात कही है। मोबाइल की जांच के दौरान सेना की वर्दी में उसकी तस्वीरें और वीडियो भी मिलने की जानकारी पुलिस ने दी है।
सेना में भर्ती की कोशिश कर चुका था
पूछताछ में सामने आया कि युवक पहले सेना में भर्ती होने की कोशिश कर चुका था। पुलिस के अनुसार भर्ती प्रक्रिया के दौरान वह शारीरिक क्षमता की दौड़ में सफल नहीं हो पाया था।
वीडियो कॉल में चेहरा छिपाने का आरोप
पुलिस के अनुसार आरोपी कई युवतियों के संपर्क में था। आरोप है कि वीडियो कॉल के दौरान वह अपना चेहरा नहीं दिखाता था और इसके पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला देता था।
पुलिस को शक है कि इसी दौरान युवतियों की निजी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए गए। इसके बाद कथित तौर पर उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे मांगने की कोशिश की जाती थी। इस मामले में पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने लोगों से सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान वाले लोगों से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर दिखाई देने वाली हर चीज सच नहीं होती। सेना का नाम लेकर फर्जी प्रोफाइल बनाने या नौकरी और भर्ती का लालच देने वाले लोगों से सतर्क रहना चाहिए।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध लगती हैं या कोई सेना के नाम पर ठगी करने की कोशिश करता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।






