
Dehradun Action | Dhami Government | Illegal Encroachment : पछुवा देहरादून के खुशहालपुर क्षेत्र में सरकारी जमीन पर किए गए कथित अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आधा दर्जन से अधिक मकानों को ध्वस्त किया। अधिकारियों के मुताबिक इन संपत्तियों पर कथित रूप से आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों का कब्जा था।
यह कार्रवाई जिलाधिकारी आशीष चौहान के निर्देश पर की गई। विकासनगर के एसडीएम विनोद कुमार के नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
पहले की गई थी जांच और नोटिस
प्रशासन के अनुसार कार्रवाई से पहले संबंधित संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच की गई थी। इसके बाद सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के आरोप में संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। प्रशासन का कहना है कि जांच में कई ऐसे लोगों की संपत्तियां सामने आईं….जिनके खिलाफ अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज हैं।
कई मामलों में नाम सामने आने का दावा
एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने कहा कि कार्रवाई की जद में आए कुछ लोग पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर बताए गए हैं। उनके खिलाफ गोहत्या, नशा तस्करी, गुंडा एक्ट और सरकारी भूमि पर कब्जे से जुड़े मामले दर्ज होने की बात कही गई है।
प्रशासन के मुताबिक आमिर नाम के व्यक्ति के खिलाफ 21 गंभीर मामले दर्ज हैं। इसके अलावा मेहराज के खिलाफ 8, सलमान के खिलाफ 21, दिलशाद मिर्ची के खिलाफ 8, मोहसिन के खिलाफ 15 और फैजान के खिलाफ 19 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है। वहीं कौसर के खिलाफ नशे से जुड़े 2 मामले बताए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि इन संपत्तियों को सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बनाया गया था। कार्रवाई के बाद संबंधित जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया पूरी की गई।
सीएम धामी के निर्देशों का हवाला
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार को कुछ लोगों के सरकारी जमीन पर कब्जा करने और आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद संबंधित लोगों के रिकॉर्ड और संपत्तियों की जांच कराई गई। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आए मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई का कांग्रेस नेताओं ने किया विरोध
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान कुछ कांग्रेस नेताओं के मौके पर पहुंचने और कार्रवाई का विरोध करने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने अधिकारियों से फोन पर बात कर कार्रवाई रोकने का दबाव बनाया। हालांकि प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखी।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।






