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परीक्षाओं को लेकर जारी है कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रशासन की कभी हां कभी ना



नैनीताल: कुमाऊं विश्वविद्यालय में ये पहली बार नहीं हो रहा कि परीक्षाओं को लेकर हंगामे हो रहे हैं। पहले भी कई बार इस तरह के मामले सामने आए हैं। विवि प्रशासन ने इस बार भी कभी हां-कभी ना का जामा ओढ़ रखा है। छात्रों में परीक्षाओं को लेकर असमंजस बढ़ता जा रहा है।

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पूरी कहानी पर गौर करें तो कोरोना काल के कारण पिछले साल भी परीक्षाएं स्थगित की गई थी। इस बार भी माहौल कुछ हद तक वैसा ही है। कोरोना की दूसरी और घातक लहर के बाद डर का भाव भी हर किसी के मन में है।

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ऐसे में विवि के सामने परीक्षाओं को कराने या ना कराने के दो ही ऑप्शन थे। विवि ने कहा कि एक सितंबर से स्नातक फाइनल सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। लेकिन ये कहते ही विद्यार्थी परिषद ने हंगामा शुरू कर दिया। विद्यार्थी परिषद के छात्रों का कहना है कि फिलहाल परीक्षाएं होना उचित नहीं है।

विरोध प्रदर्शन के दबाव में आकर विवि प्रशासन ने आनन फानन में परीक्षाएं स्थगित कर दीं। मगर ये फैसला भी विवि को उल्टा पड़ गया। दरअसल मंगलवार को छात्रों का एक समूह विवि प्रशासनिक भवन पहुंचकर परीक्षाएं कराए जाने की मांग करने लगा। हालांकि उन्हें कुलपति से नहीं मिलने दिया।

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लेकिन परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचसीएस बिष्ट की बात भी उन्होंने नहीं मानी और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का कहना था कि परीक्षाएं अगले महीने के लिए टाली गईं तो रिजल्ट दिसंबर में आएगा। जिस वजह से फाइनल सेमेस्टर के छात्रों का दिल्ली विवि व अन्य विवि में दाखिला लेना मुश्किल हो जाएगा। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाएं भी छूट सकती हैं।

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बुधवार को विवि प्रशासनिक भवन में कुलपति प्रो एनके जोशी ने निर्देश दिए तो प्रबंधन ने आपस में बातचीत की। जिसके बाद कुलसचिव दिनेश चंद्रा की ओर से छात्रों को लिखित आश्वासन दिया गया कि मामले में दो दिन में निर्णय ले लिया जाएगा। डर यही है कि अब विवि जो भी फैसला लेगा कहीं उसका विरोध शुरू ना हो जाए।

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