
Pauri Garhwal | Uttarakhand News | Road Connectivity : उत्तराखंड के पौड़ी जिले में सड़क और पुल की कमी से ग्रामीणों की परेशानी एक बार फिर सामने आई है। बीरोंखाल ब्लॉक के डांगू मल्लाका गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें ग्रामीण करीब 60 वर्षीय बीमार महिला को कंधे पर उठाकर नदी पार करते नजर आ रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार गांव तक सड़क की सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए काफी मुश्किल रास्ता तय करना पड़ता है। कई बार लोगों को नदी पार करके पैदल सड़क तक पहुंचना पड़ता है।
बीमार महिला को कंधे पर लेकर पहुंचे ग्रामीण
बताया गया कि गांव की रहने वाली लक्ष्मी देवी को सांस लेने में परेशानी हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें कंधे के सहारे नदी पार कराकर सड़क तक पहुंचाया….ताकि उन्हें अस्पताल ले जाया जा सके।
ग्राम प्रधान रेखा रावत के अनुसार गांव में 200 से अधिक परिवार रहते हैं। सड़क नहीं होने के कारण बीमार लोगों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
सड़क तक पहुंचने के लिए तय करनी पड़ती है दूरी
ग्रामीणों के मुताबिक गांव से मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए करीब तीन किलोमीटर का रास्ता है। जंगल की तरफ से करीब दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ती है। वहीं पानी वाले रास्ते से करीब एक किलोमीटर की दूरी है…इसलिए ग्रामीण इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मांग लंबे समय से की जा रही है…लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
पहले भी सामने आ चुकी है ऐसी तस्वीर
चौबट्टाखाल क्षेत्र में सड़क की समस्या को लेकर पहले भी वीडियो सामने आ चुके हैं। कमलिया पल्ला गांव में भी एक व्यक्ति के अपनी बीमार पत्नी को कई किलोमीटर तक कंधे पर ले जाने का मामला सामने आया था।
इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए हैं।
सड़क के लिए शासन को भेजी गई फाइल
लोक निर्माण विभाग बैजरों के अधिशासी अभियंता लोकेश सारस्वत के मुताबिक गांव तक सड़क निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए फाइल शासन को भेजी गई है।
उन्होंने बताया कि अनुमति मिलने के बाद सड़क की डीपीआर तैयार की जाएगी। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर निर्माण कार्य कराया जाएगा।
ग्रामीणों की मांग है कि सड़क और पुल की समस्या का जल्द समाधान किया जाए…ताकि किसी मरीज को दोबारा अस्पताल पहुंचाने के लिए इस तरह की मुश्किल न झेलनी पड़े।






