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राजस्थान: संत ने उठाया आत्मघाटी कदम, भाजपा विधायक पर लग रहे हैं आरोप

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नई दिल्ली: राजस्थान के जालौर में जमीनी विवाद को लेकर गुरुवार रात को रविनाथ नामक संत ने अपनी जीवनलीला को समाप्त कर लिया। 60 वर्षीय रविनाथ के इस कदम के बाद अन्य साधुओं ने भीनमाल से भाजपा विधायक पूराराम चौधरी पर संगीन आरोप लगाए हैं और उन्हें इसका जिम्मेदार बताया है। संत आश्रम में रहते थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संत रविनाथ ने आत्मघाटी कदम उठाने से पहले एक नोट भी लिखा था। उन्होंने अपने नोट पर भाजपा विधायक पर आरोप लगाए थे।

रविनाथ ने इस नोट में जमीनी विवाद का जिक्र किया है और प्रशासन से उनका पोस्टमार्टम न कराने की अपील भी की। वहीं अन्य साधुओं ने पुलिस पर नोट छिपाने का आरोप लगाया और राजपुरा गांव में सुंधा माता मंदिर की तलहटी के पास एक पेड़ से लटके मिले साधु के शव को लेने से इनकार कर दिया। रविनाथ का शव 35 घंटे बाद पेड़ से उतार लिया गया।

पुलिस-प्रशासन और आश्रम समर्थकों के बीच लंबी बातचीत के बाद यह सहमति बनी। अब आम लोगों की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम के लिए जसवंतपुरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा गया है। BJP विधायक पूराराम चौधरी पर FIR और इस मौत की जांच सीआईडी से कराने के आश्वासन के बाद ही समर्थक साधु के अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए हैं।  विधायक पूरा रामचौधरी आश्रम के पीछे की जमीन के मालिक हैं।

दूसरी ओर आरोपों पर विधायक चौधरी ने कहा कि आश्रम के पीछे उनकी कॉमर्शल जमीन है, जिसे उन्होंने 30 साल पहले खरीदा था। उन्होंने कहा कि मैं अपनी जमीन पर रिजॉर्ट बनाने के बारे में सोच रहा था। गुरुवार को तहसीलदार से अनुमति लेने के बाद एक सरकारी अधिकारी द्वारा जमीन को नापा गया था। रविनाथ ने इस पर कोई आपत्ति नहीं की थी और हमारे बीच कोई विवाद नहीं था। उन्होंने कहा कि ये हत्या है और दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। साधु के साथ न्याय होना चाहिए।

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