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उधमसिंह नगर NDPS मामला, पुलिसकर्मियों पर CBI का शिकंजा, जांच हुई शुरू, पढ़ें पूरी खबर

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CBI Investigation : NDPS Case : Uttarakhand Police : ऊधम सिंह नगर के केलाखेड़ा थाने से जुड़े वर्ष 2020 के एक पुराने चरस बरामदगी मामले में नया मोड़ आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने तत्कालीन छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि एक व्यक्ति को कथित तौर पर झूठे एनडीपीएस मामले में फंसाने के लिए उसके पास से 97.70 ग्राम चरस बरामद होना दिखाया गया था।

उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने 3 सितंबर 2026 को मुकदमा दर्ज किया है। अब मामले से जुड़े पुलिस रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी।

2020 में दर्ज हुआ था मामला

28 जुलाई 2020 को केलाखेड़ा थाने में अनिल शर्मा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस की ओर से दावा किया गया था कि उसके कब्जे से 97.70 ग्राम चरस मिली थी।

इसके बाद अनिल शर्मा ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया और मुकदमा खत्म करने की मांग की। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 7 अगस्त 2020 को सीबीआई के एसपी को प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए थे।

प्रारंभिक जांच में पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे और कथित फर्जी बरामदगी के आरोपों की जांच की गई।

छह पुलिसकर्मियों पर मुकदमा

सीबीआई ने तत्कालीन उप निरीक्षक प्रकाश चंद्र टम्टा, कांस्टेबल त्रिभुवन सिंह, चंदन सिंह बिष्ट और हरीश गिरी के अलावा विशेष पुलिस अधिकारियों परवेज अहमद और राजवंत सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है।

इनके खिलाफ आपराधिक साजिश सहित आईपीसी की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी अब पूरे घटनाक्रम में संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच करेगी।

रिकॉर्ड में हेरफेर और मारपीट के आरोप

हाईकोर्ट के सामने रखी गई सीबीआई की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों पर कई गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया था। इनमें जनरल डायरी में कथित बदलाव, मारपीट और अनिल शर्मा को जबरन पुलिस चौकी ले जाने जैसे आरोप शामिल हैं।

इसके अलावा ढाबे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की पुरानी रिकॉर्डिंग कथित तौर पर हटाए जाने की बात भी जांच में सामने आई थी।

मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा

सीबीआई जांच के आदेश को चुनौती देते हुए संबंधित पुलिसकर्मी सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचे थे। वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने मामले में हाईकोर्ट के सीबीआई जांच संबंधी आदेश के एक हिस्से पर रोक लगाई थी और मामले को दोबारा हाईकोर्ट के विचार के लिए भेजा था।

इसके बाद 11 अगस्त 2026 को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई की। कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई और निष्पक्ष जांच को लेकर उठे सवालों को देखते हुए मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया।

मूल एनडीपीएस केस की भी जांच करेगी CBI

हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज नए मामले के साथ वर्ष 2020 में अनिल शर्मा के खिलाफ दर्ज मूल एनडीपीएस केस को भी अपनी जांच में शामिल कर लिया है।

अब सीबीआई कथित चरस बरामदगी, पुलिस रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोगों के बयान सहित अन्य साक्ष्यों की जांच करेगी। जांच के बाद ही मामले में आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

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