
SpiritualTourism : Uttarakhand : CharDhamYatra: उत्तराखंड धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। चारधाम यात्रा के साथ-साथ प्रदेश के कई प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य सरकार का कहना है कि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के उद्देश्य से मंदिरों का विकास, सड़क संपर्क, परिवहन और तीर्थ यात्रियों के लिए सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 की पहली छमाही में अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम और रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण मंदिर में पिछले वर्ष की तुलना में करीब ढाई गुना अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। वहीं श्रीनगर स्थित धारी देवी मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है…जबकि चंपावत के पूर्णागिरि धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या में करीब डेढ़ गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
राज्य में चल रही चारधाम यात्रा भी नए रिकॉर्ड बना रही है। यात्रा शुरू होने के 105 दिनों के भीतर 45 लाख 84 हजार से अधिक श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक बताई जा रही है।
यमुनोत्री धाम में भी इस बार नया इतिहास बना है। कठिन पैदल मार्ग होने के बावजूद 2 अगस्त तक 6.54 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं….जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है।
वहीं बद्रीनाथ धाम में यात्रा के पहले 100 दिनों के भीतर 15.52 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में तीन लाख से अधिक ज्यादा है।
पिथौरागढ़ स्थित आदि कैलाश धाम में भी आस्था का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। इस वर्ष यात्रा शुरू होने के केवल दो महीनों में 52 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। हालांकि मानसून के कारण फिलहाल यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई है। पिछले कुछ वर्षों में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है।
नैनीताल के प्रसिद्ध कैंची धाम में भी इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। जनवरी से जून के बीच 24 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन किए। अकेले जून महीने में यहां करीब 8.66 लाख श्रद्धालु पहुंचे।
इसके अलावा कार्तिक स्वामी मंदिर, सुरकंडा देवी मंदिर, मुनिकीरेती, तपोवन और शिवपुरी जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, सड़क संपर्क मजबूत करने और तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।






