Nainital-Haldwani News

देहरादून से हल्द्वानी आ रही रोडवेज बस में कंडक्टर ने की छेड़छाड़,दिवाली का मामला अब सामने आया


Ad
Ad
Ad
Ad

हल्द्वानी: रोडवेज की बसों में अबतक सिर्फ लापरवाही के मामले सामने आते थे। लेकिन इस बार महिला से छेड़छाड़ के मामले ने सनसनी फैला दी है। जी हां, देहरादून से उत्तराखंड रोडवेज की बस में हल्द्वानी जा रही एक महिला बैंक अधिकारी से कंडक्टर ने आधी रात छेड़खानी की। जिसकी शिकायत महिला ने दर्ज कराई है। बता दें कि मामला दीपावली के समय का है।

दरअसल दिवाली में छुट्टी के बाद एक महिला ने उत्तराखंड रोडवेज की बस के लिए ऑनलाइन टिकट बुक किया। कथित तौर पाए बैंक शाखा चंपावत में अधिकारी के तौर पर कार्यरत उक्त महिला को देहरादून से हल्द्वानी जाना था। इसके लिए वह सात नवंबर की रात आठ बजे बस में बैठ गई। सीट नंबर चार पर बैठी महिला के बगल वाली सीट पर कोई नहीं बैठा था। बस एक बैग रखा था।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल डीएम ने संशय दूर किया,जनता को बताया क्यों हुआ है जन्माष्टमी पर्व के अवकाश में बदलाव

यात्रियों से खचाखच बस बाद में हल्द्वानी के लिए निकल पड़ी। हरिद्वार को क्रॉस करते ही बस कंडक्टर महिला के बगल वाली पांच नंबर सीट का सामान आगे वाली सीट पर रखकर वहां बैठ गया। बैंक अधिकारी के मुताबिक रात करीब एक बजे कंडक्टर ने उनसे छेड़छाड़ करनी शुरू कर दी। महिला ने उसे डांटा तो वह थोड़ी देर तक ही ठीक रहा।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी: चारधाम की तर्ज पर बदलेगी चित्रशिला धाम यानी रानीबाग की तस्वीर

थोड़ी देर के बाद उसने फिर से छेड़छाड़ शुरू कर दी। महिला के दोबारा डांटने पर कंडक्टर ने उसे अनसुना कर दिया और सीट पर ही बैठा रहा। करीब दो बजे कंडक्टर ने फिर छेड़छाड़ शुरू की तो महिला ने शोर मचाया। लेकिन बस चालक तेज आवाज में गाने सुन रहा थे, इसलिए उस तक महिला की आवाज नहीं पहुंची। बाद में यात्रियों के समझने पर कंडक्टर ने छेड़छाड़ बंद की।

महिला की तहरीर पर नेहरू कालोनी थाना पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ ही जांच शुरू कर दी है। महिला हेल्पलाइन को दी आनलाइन शिकायत में महिला ने खुद का चंपावत बैंक शाखा में तैनात होना बताया। इधर, नेहरू कालोनी के इंस्पेक्टर सतबीर बिष्ट ने जानकारी दी और बताया कि बस का नंबर पता लग गया है। आरोपित कंडक्टर को तलाशा जा रहा है। उसे गिरफ्तार किया जाएगा। आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर इस मामले के फैलते ही इस बात पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर शिकायत को इतना समय क्यों लगा। गौरतलब है कि मामला तकरीब डेढ़ महीने पहला का है।

Join-WhatsApp-Group
To Top