
Haridwar | BeggingExperiment | SocialMedia : कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार में एक यूट्यूबर ने भिक्षावृत्ति को लेकर एक अनोखा प्रयोग किया। यूट्यूबर पुरुषोत्तम वशिष्ठ ने अपने दोस्त सचिन को भिखारी का रूप दिया…और करीब आठ घंटे तक श्रद्धालुओं के बीच पैसे मांगे। दावा है कि इस दौरान करीब 4 हजार रुपये जमा हुए।
प्रयोग के लिए सचिन ने पुराने और फटे कपड़े पहने और चेहरे पर धूल-मिट्टी लगाई। इसके बाद वह हाथ में कटोरा लेकर श्रद्धालुओं से पैसे मांगने लगा। उसने गले में UPI का QR कोड भी लगा रखा था…ताकि लोग ऑनलाइन भी पैसे दे सकें।
शुरुआत में कम मिले पैसे
यूट्यूबर के मुताबिक शुरुआत में उन्हें उम्मीद थी कि कुछ घंटों में एक से दो हजार रुपये तक मिल जाएंगे। हालांकि पहले कुछ घंटों में बहुत कम पैसे मिले। कई लोगों ने पैसे देने से मना कर दिया…जबकि कुछ लोगों ने सहानुभूति दिखाते हुए मदद की।
बताया गया कि करीब चार घंटे में लगभग 800 रुपये जमा हुए। करीब आठ घंटे तक चले प्रयोग के बाद कुल रकम लगभग 4 हजार रुपये बताई गई।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई चर्चा
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस प्रयोग को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों ने इसे सामाजिक प्रयोग बताया…जबकि कई लोगों ने इसकी वास्तविकता पर सवाल उठाए हैं।
हरिद्वार के कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि एक सामान्य भिखारी की रोजाना कमाई इतनी अधिक नहीं होती। उनका मानना है कि सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक पाने के लिए इस तरह के प्रयोग को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा सकता है।
यूट्यूबर ने भी कहा कि भीख मांगना आसान काम नहीं है। घंटों तक लोगों के सामने हाथ फैलाने में थकान होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि भीख को आसान कमाई का रास्ता न समझें और मेहनत करके ईमानदारी से कमाई करने की कोशिश करें।
आठ घंटे में चार हजार रुपये जुटाने का यह प्रयोग फिलहाल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।






