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उत्तराखंड में विदेशी मेहमानों का स्वागत, 5 हजार साइबेरियन पक्षी पहुंचे देवभूमि


India’s First Conservation Reserve Uttarakhand: देश का पहला कंजर्वेशन रिजर्व आसन वेटलैंड की सुंदरता में इन साइबेरियन पक्षियों के आने से चार चाँद लग गए हैं। इन्हें देखने के लिए पक्षी प्रेमी भी बड़ी संख्या में आसन झील पर पहुँच रहे हैं। आपको बता दें कि सुर्खाब समेत 47 प्रजातियों के 5 हज़ार पक्षी इस बार उत्तराखंड की आसन झील पर पहुंचे हैं। इन विदेशी पक्षियों की सुरक्षा के लिए उत्तराखंड सरकार ने वन विभाग की टीम को भी तैनात कर दिया है।

भारत का पहला कंज़र्वेशन रिज़र्व जो उत्तराखंड में बना है। वो आज कल विदेशी पक्षियों के आगमन से और भी ज़्यादा सुन्दर नज़र आने लगा है। साइबेरियन बर्ड्स कहे जाने वाले इन विदेशी मेहमान (पक्षियों) की बड़ी संख्या उत्तराखंड पहुंची है। ये रंग बिरंगे विदेशी साइबेरियन पक्षी उत्तराखंड के आसन वेटलैंड की भूमि पर ठहरे भारत के मेहमान हैं।

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इन विदेशी पक्षियों को देखने के लिए पर्यटकों के साथ देश-विदेश के पक्षी प्रेमी तो पहुँच ही रहे हैं। साथ ही इन मेहमानों के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा इनकी सुरक्षा के कई इंतज़ाम भी किए गए हैं। वन विभाग की टीमों को दिन-रात इन पक्षियों की शिकारियों से बचाव की रणनीति बनाई गई है। जो इस बात को सुनिश्चित करेगी कि इनमें से किसी भी पक्षी को बंधी ना बनाया जा सके।

चकराता वन विभाग से वन दरोगा प्रदीप सक्सेना ने बताया कि इन साइबेरियन पक्षियों की सुरक्षित रवानगी की जिम्मेदारी भी वन विभाग को सौंपी गई है। जिसके लिए इन पक्षियों की दिन-रात निगरानी की जा रही है। आसन वेटलैंड से इन पक्षियों को सुरक्षित रवाना होने तक वन विभाग की टीम 24 घंटे इनपर निगरानी रखेगी। और इनके सुरक्षित रवाना होने के बाद ही अपनी पोस्ट छोड़ेगी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आसन वेटलैंड की यह आसन झील उत्तराखंड के देहरादून जिला में स्थित है। जो उत्तराखंड-हिमाचल बॉर्डर के पास है। सर्दियों के मौसम में चीन, लद्दाख सिबेरिया के साथ दूसरे अन्य देशों से उत्तराखंड आने वाले इन पक्षियों में मुख्य आकर्षण की प्रजाति सुर्खाब को माना जाता है। जो अपनी जल क्रीड़ा और मसखरे अंदाज़ से सभी पर्यटकों एवं पक्षी प्रेमियों का ध्यान अपनी तरफ बड़ी आसानी से आकर्षित कर लेती हैं।

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