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पीपलकोटी टनल हादसे में किसकी गई जान, कौन घायल और कौन फंसा? सामने आई पूरी सूची

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Chamoli Tunnel Accident : Peepalkoti Rescue : CM Dhami : उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी स्थित मायापुर में विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टेल रेस टनल (TRT) में हुए हादसे के बाद रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पीपलकोटी पहुंचे और घटनास्थल पर चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया।

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मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, SDRF, NDRF, ITBP और सेना की टीमों से रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को फंसे हुए श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए।

करीब 1.5 किलोमीटर अंदर आया मलबा और पानी

जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम करीब 6:45 से 7:05 बजे के बीच टनल के अंदर अचानक मलबा और पानी भर गया। टनल के करीब 1.4 से 1.5 किलोमीटर अंदर भूस्खलन या कैविटी बनने के कारण यह स्थिति पैदा हुई।

हादसे के बाद कई श्रमिक टनल के अंदर फंस गए। रेस्क्यू टीमों ने अब तक कई श्रमिकों को बाहर निकाला है। हादसे में 7 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो गयी है…जबकि 3 श्रमिक अभी भी टनल के अंदर फंसे हैं।

मलबा हटाने और पानी निकालने का काम लगातार चल रहा है। NDRF, SDRF, ITBP और सेना की टीमें बचाव अभियान में जुटी हैं।

घायल श्रमिकों के नाम

हादसे में घायल श्रमिकों में सुनील दीवान (20, छत्तीसगढ़), हारबील गुड़िया (27, झारखंड), निस्तर भिंगरा (24, झारखंड), विनोद रावना (46, झारखंड), दीना बेगरा (26, झारखंड), खेला राम बिसरा (22, झारखंड), सुबेक सिंह (पंजाब), तिलक राज (48, हिमाचल प्रदेश), पैन सिंह (33, छत्तीसगढ़), रोहित पांडे (बिहार) और गोविंद मंडाल (पश्चिम बंगाल) शामिल हैं।

इनमें रोहित पांडे का इलाज बेस अस्पताल श्रीनगर में चल रहा है….जबकि गोविंद मंडाल को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

मृतक श्रमिकों के नाम

हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों की पहचान प्रदीप पंवार (35, चंबा-टिहरी), मुकेश सिंह (चमोली), दुर्लभ शर्मा (उत्तर प्रदेश), विजय हंसदा (उत्तर प्रदेश), जितेंद्र कुमार (उत्तर प्रदेश), लोकेश्वर (छत्तीसगढ़) और भुवनेश्वर (छत्तीसगढ़) के रूप में बताई गई है।

तीन श्रमिक अब भी टनल में फंसे

टनल में अभी लुकास टोपनों (झारखंड), चेतन पोयाम (छत्तीसगढ़) और देवनाथ (छत्तीसगढ़) के फंसे होने की जानकारी है। बचाव दल इन तीनों श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हर श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने रेस्क्यू अभियान को पूरी गंभीरता और सावधानी के साथ जारी रखने के निर्देश दिए।

घायल श्रमिकों का इलाज जारी

रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में भेजा जाए।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के परिवारों की सहायता और उनके साथ लगातार संपर्क बनाए रखने के भी निर्देश दिए।

हादसे की तकनीकी जांच होगी

टनल हादसे की जांच के लिए दिल्ली से टीएचडीसी की तकनीकी टीम मौके पर पहुंच रही है। यह टीम हादसे के कारणों और टनल की स्थिति की तकनीकी जांच करेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से भी संपर्क कर वहां के श्रमिकों की स्थिति की जानकारी साझा की है। सरकार का कहना है कि रेस्क्यू अभियान तब तक जारी रहेगा…जब तक टनल में फंसे सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता।

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