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पीपलकोटी की टनल में आखिर क्यों घुसा मलबा-पानी? कैसे हुआ पूरा हादसा, जानिए

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Chamoli Tunnel | Pipalkoti Rescue | Uttarakhand Disaster : उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में गुरुवार शाम निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया। टनल के अंदर फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ समेत अन्य बचाव दल मौके पर जुटे हैं।

टनल में अचानक घुसा पानी और मलबा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मायापुर-पीपलकोटी क्षेत्र में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में शाम करीब 7 बजे के बाद पानी और मलबा आने की सूचना मिली। उस समय टनल के अंदर कई मजदूर काम कर रहे थे। अचानक मलबा और पानी आने से कुछ मजदूर अंदर फंस गए।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद टनल के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

कई मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया

रेस्क्यू अभियान के दौरान बचाव दल ने कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 16 लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की बात सामने आई है। बाकी लोगों को बाहर निकालने के लिए अभियान लगातार जारी रहा।

बचाव दल टनल के अंदर की स्थिति का आकलन करते हुए आगे बढ़ रहा है। पानी और मलबे के कारण रेस्क्यू टीमों को सावधानी से काम करना पड़ रहा है।

मौके पर कई एजेंसियां जुटीं

हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए कई एजेंसियों को मौके पर लगाया। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और अन्य संबंधित टीमें अभियान में जुटी हैं। सेना और आईटीबीपी से जुड़ी टीमें भी मौके पर सहायता के लिए मौजूद रहीं।

प्रशासन की ओर से घटनास्थल पर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के साथ ही पूरे घटनाक्रम की निगरानी की जा रही है।

बारिश के बीच बढ़ी रेस्क्यू की चुनौती

चमोली समेत उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में इन दिनों बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ों में मलबा गिरने और अचानक पानी बढ़ने का खतरा बना हुआ है। ऐसे मौसम में टनल के अंदर पानी और मलबा आने से बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण हो गया।

रेस्क्यू टीमों को किसी तरह का अतिरिक्त खतरा न हो…इसका भी ध्यान रखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीपलकोटी टनल हादसे का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मौके की स्थिति की जानकारी लेते हुए टनल में फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने को प्राथमिकता देने को कहा।

चमोली पहले भी झेल चुका है कई बड़ी आपदाएं

चमोली जिला भौगोलिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में यहां भूस्खलन, बाढ़ और भूधंसाव जैसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जोशीमठ में भूधंसाव, रैणी की आपदा और तमकनाला क्षेत्र में आई आपदा ने भी जिले में बड़ी चुनौती पैदा की थी।

बारिश के मौसम में चमोली के कई हिस्सों में भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। ऐसे में पीपलकोटी टनल हादसे ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

फिलहाल प्रशासन और बचाव एजेंसियों का पूरा ध्यान टनल के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। घटना के कारणों और टनल के अंदर की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।

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