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सास-ससुर की सेवा करना चाहती हैं उत्तराखंड महिला पुलिस सिपाही, पोस्टिंग के लिए लगाई अर्जी


हल्द्वानी: जनता की समस्याओं का निराकरण करने वाले पुलिसकर्मियों की अपनी भी समस्याएं होती हैं। गौरतलब है कि पुलिसकर्मियों को घर-परिवार के साथ साथ जनता की रक्षा भी करनी होती है। सबसे ज्यादा मुश्किलें महिला सिपाहियों के लिए होती हैं। हल्द्वानी में ऐसी ही समस्याओं को डीआईजी कुमाऊं द्वारा सुना गया। महिला सिपाहियों का कहना था कि सास-ससुर की सेवा करने के लिए ट्रांसफर हो जाए तो अच्छा रहेगा।

डीआईजी डा. नीलेश आनंद भरणे ने शुक्रवार को हल्द्वानी कैंप कार्यालय में सिपाहियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान महिला सिपाहियों ने भावुक होकर अपनी समस्याएं डीआईजी के सामने रखी। सिपाहियों का कहना था कि उनके पति सेना में हैं। सास-ससुर दूसरी जगह अकेले रह रहे हैं। जिससे उनकी सेवा करने का मौका नहीं मिल पा रहा है।

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पिथौरागढ़ जिले के अतिदुर्गम थाना पांगला में तैनात पुष्पा देवी का कहना है कि उनके पति सेना में और सास-ससुर ऊधमसिंह नगर में अकेले रह रहे हैं। काशीपुर क्षेत्र में तैनात सिपाही कविता की भी यही समस्या है। उनके पति एयरफोर्स में हैं। सास-ससुर अल्मोड़ा में रह रहे हैं। ऐसे में सिपाहियों को इकनी दूरी तय कर अपने सास-ससुर की सेवा करने में दिक्कतें हो रही हैं।

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उनका कहना था कि पोस्टिंग अल्मोड़ा होगी तो संतुष्ट होकर नौकरी और सास-ससुर की सेवा भी कर सकेंगी। सिर्फ दो ही नहीं बल्कि इसी तरह ऊधमसिंह नगर व नैनीताल के करीब 34 पुरुष व महिला सिपाही पर्वतीय जिलों व पर्वतीय थाना, चौकियों के 20 सिपाही मैदान में आकर सेवा करना चाहते हैं। इसपर डीआईजी ने कहा कि उनकी पोस्टिंग जल्द पहाड़-मैदान में की जाएगी, ताकि वह ड्यूटी के साथ सास-ससुर की सेवा भी कर सकें।

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बता दें कि इस दौरान 10 ऐसे पुलिस दंपतियों ने डीआईजी से ट्रांसफऱ की मांग की जिन्हें साथ में रहकर काम करना है। उनका कहना था कि अलग-अलग जिलों में नौकरी करने की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। डीआइजी ने कहा कि लंबे समय से सिपाही मैदान व पर्वतीय थाना, चौकियों में सेवा दे रहे हैं। गौरतलब है कि इस बारे में जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा।

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