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डिप्रेशन निगल गया छात्र की जिंदगी

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हल्द्वानी: डिप्रेशन को भारत में एक बड़ी बिमारी के तौर पर नही देखा जाता मगर यदि व्यक्ति को समय पर मदद न मिले तो वह आत्महत्या जैसे कदम उठा सकता है।

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ज्वालापुर इलाके में नवीं कक्षा के छात्र ने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली। गोली सिर में लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। छात्र करीब आठ साल से बीमार था, बताया जा रहा है कि बीमारी के कारण वह डिप्रेशन में चला गया था और इसी के चलते उसने आत्महत्या कर ली।

बच्चे के शव के पोस्टमार्टम को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं हो पाई है। फिलहाल पुलिस ने शव परिजनों की सुपुर्दगी में दिया है। परिजन पोस्टमार्टम न कराए जाने का अनुरोध कर रहे हैं। पुलिस ने इसके लिए डीएम से अनुमति लेने का सुझाव दिया है। ज्वालापुर निवासी तीर्थ पुरोहित श्वेतपाल शर्मा का 14 वर्षीय बेटा सात्विक शर्मा डीपीएस रानीपुर में कक्षा नौ में पढ़ता था। करीब आठ साल से वह अस्वस्थ चल रहा था, उसके हाथ-पांव में कंपन होती थी। उसका इलाज चल रहा था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि रविवार देर शाम सात्विक कमरे में गया और अपने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से खुद के सिर में गोली मार ली।

गोली की आवाज सुनकर परिजन कमरे में दौड़े तो नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। कमरे में सात्विक खून में लथपथ पड़ा था। पास में ही पिस्टल पड़ी देखकर उनकी समझ में पूरी बात आ गई।

परिवारीजनों की चीख पुकार सुन पड़ोस के लोग भी वहां आ गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव कब्जे में ले लिया, लेकिन परिवार वाले इसके लिए तैयार नहीं हुए। उन्होंने एंबुलेंस से शव उतरवाकर घर पर रखवा दिया। कार्यवाहक कोतवाल संजीव थपलियाल ने बताया कि शव फिलहाल परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। सुबह पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

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