
Haldwani | Smart Meter | Current Leakage : घरों में लगे स्मार्ट बिजली मीटर अब सिर्फ बिजली की खपत और बिल की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहेंगे। इनके जरिए उपभोक्ता घर में करंट लीकेज यानी अर्थिंग से जुड़ी जानकारी भी हासिल कर सकेंगे। इससे समय रहते बिजली से होने वाले हादसों का खतरा पहचानने और जरूरी कदम उठाने में मदद मिल सकती है।

कुमाऊं के उपभोक्ताओं को इसके लिए प्ले स्टोर से यूपीसीएल स्मार्ट विद्युत कुमाऊं एप डाउनलोड करना होगा। एप में करंट लीकेज और बिजली बिल में बचत जैसे विकल्प दिए गए हैं। इनके जरिए उपभोक्ता बिजली की खपत पर नजर रखने के साथ अर्थिंग से जुड़ी जानकारी भी देख सकेंगे।
स्मार्ट मीटर की मदद से उपभोक्ता मोबाइल पर बिजली की खपत का ब्योरा देख सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल रिचार्ज की तरह मीटर रिचार्ज करने समेत कई सुविधाएं भी मिलती हैं। ऊर्जा निगम के अधिकारियों का कहना है कि इन सुविधाओं से उपभोक्ताओं को बिजली के इस्तेमाल और खर्च को समझने में आसानी होगी।
स्मार्ट मीटर के इंजीनियर इंचार्ज ईई डीडी पांगती ने कहा कि एप के माध्यम से उपभोक्ता बिजली की खपत की जानकारी देख सकते हैं। इसमें कई अन्य सुविधाएं भी दी गई हैं।
प्रदेश में करीब 16 लाख उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
नैनीताल जिले में 1 लाख 88 हजार 516 उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। इनमें से अब तक 87 हजार 916 उपभोक्ताओं के यहां मीटर लग चुके हैं। स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर विरोध के चलते कई उपभोक्ता इन्हें लगवाने से बच रहे हैं।
घरों में बिजली के उपकरणों से करंट लगने की घटनाएं गंभीर खतरा बनी हुई हैं। हल्द्वानी में मई महीने में राजपुरा के टनकपुर रोड क्षेत्र में फ्रिज से करंट लगने के बाद एक वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी। बच्चा गेंद से खेल रहा था। गेंद फ्रिज के नीचे चली गई…जिसे निकालने के दौरान वह करंट की चपेट में आ गया।
इसी महीने एफटीआई परिसर में 14 वर्षीय किशोर की कूलर से करंट लगने के बाद मौत हो गई थी। गर्मी लगने पर उसने कूलर चालू किया और उसे छूते ही करंट लग गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने कहा कि सेंसर युक्त स्मार्ट मीटर की खासियतों में करंट लीकेज से जुड़ी जानकारी देना भी शामिल है। घरों में करंट लीकेज कई बार बड़े हादसों की वजह बनता है। ऐसे में एप के जरिए मिलने वाली जानकारी उपभोक्ताओं को समय रहते सतर्क करने में मदद कर सकती है।
हालांकि करंट लीकेज का अलर्ट मिलने पर केवल एप पर निर्भर रहने के बजाय बिजली की जांच किसी योग्य इलेक्ट्रिशियन से कराना जरूरी है। बिजली के उपकरणों में करंट महसूस होने पर उन्हें छूने से बचें और सुरक्षित तरीके से बिजली की सप्लाई बंद कराकर जांच करवाएं।



