Almora News

अल्मोडा निवासी IPS तृप्ति भट्ट को मिली CBI में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी

Ad

Tripti Bhatt | CBI Appointment | Uttarakhand News : उत्तराखंड की आईपीएस अधिकारी तृप्ति भट्ट को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) में अहम जिम्मेदारी मिली है। उत्तराखंड कैडर की 2013 बैच की अधिकारी तृप्ति भट्ट को सीबीआई में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति प्रतिनियुक्ति के आधार पर पांच साल के लिए की गई है। उनकी नियुक्ति से जुड़ी जानकारी आधिकारिक आईपीएस वेबसाइट पर भी दर्ज है।

ADVERTISEMENTS Ad

तृप्ति भट्ट मूल रूप से अल्मोड़ा की रहने वाली हैं। पुलिस और प्रशासनिक सेवा में काम करने का अनुभव रखने वाली तृप्ति अब केंद्रीय जांच एजेंसी में अपनी सेवाएं देंगी। सीबीआई में नई जिम्मेदारी मिलने से उनके करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है।

तृप्ति भट्ट की नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तारीख से पांच साल या केंद्र सरकार के अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। दोनों में से जो भी पहले लागू होगा….उसी के आधार पर प्रतिनियुक्ति की अवधि तय होगी।

नियुक्ति से जुड़े आदेश के बाद उत्तराखंड सरकार को उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्यमुक्त करना है….ताकि वह सीबीआई में नई जिम्मेदारी संभाल सकें। सीबीआई देश की प्रमुख जांच एजेंसियों में शामिल है। यहां एसपी के पद पर अधिकारी को जांच और उससे जुड़े कामकाज की निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभानी होती हैं।

तृप्ति भट्ट का जन्म 6 दिसंबर 1989 को हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई। बचपन में ही उन्हें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से मिलने का अवसर मिला था। मीडिया रिपोर्टों में इस मुलाकात को उनके जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव बताया गया है।

तृप्ति ने गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।

वर्ष 2012 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 165 हासिल की। इसके बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हुआ और उन्हें उत्तराखंड कैडर मिला।

तृप्ति भट्ट की चर्चा उनकी पढ़ाई और पुलिस सेवा के साथ-साथ उनके करियर से जुड़े फैसलों के लिए भी होती है। मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि उन्होंने आईपीएस अधिकारी बनने के लक्ष्य के लिए 16 नौकरी के अवसर स्वीकार नहीं किए।

इन अवसरों में सरकारी संस्थानों और निजी कंपनियों से जुड़े पद शामिल बताए जाते हैं। रिपोर्टों में एनटीपीसी, इसरो, मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स का भी उल्लेख किया गया है। उन्होंने इन विकल्पों के बजाय सिविल सेवा की तैयारी जारी रखी और अंततः यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की।

यह प्रसंग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच अक्सर चर्चा में रहता है। हालांकि 16 अवसरों और संबंधित संस्थानों की पूरी सूची की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

सीबीआई में नियुक्ति से पहले तृप्ति भट्ट उत्तराखंड में गृह एवं कारागार विभाग में अपर सचिव की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। उनके पास पुलिस अधीक्षक, फायर सर्विस का अतिरिक्त प्रभार भी था। इससे पहले वह राज्य पुलिस में विभिन्न पदों पर सेवाएं दे चुकी हैं।

राज्य में प्रशासनिक और पुलिस सेवा का अनुभव हासिल करने के बाद अब उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसी में काम करने का अवसर मिला है। उनकी नई जिम्मेदारी के तहत वह सीबीआई में पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं देंगी।

अल्मोड़ा से निकलकर आईपीएस अधिकारी बनने और अब सीबीआई में जिम्मेदारी मिलने तक तृप्ति भट्ट का सफर उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद सिविल सेवा को लक्ष्य बनाना और यूपीएससी में सफलता हासिल करना उनकी यात्रा के प्रमुख हिस्से हैं।

सीबीआई में एसपी के पद पर पांच साल की प्रतिनियुक्ति मिलने के बाद तृप्ति भट्ट अब केंद्रीय स्तर पर अपनी सेवाएं देंगी। अल्मोड़ा से ताल्लुक रखने वाली तृप्ति की इस नियुक्ति से उत्तराखंड की पुलिस सेवा से जुड़ी एक अधिकारी को देश की प्रमुख जांच एजेंसी में काम करने का अवसर मिला है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad
To Top