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अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में शासन ने अपने ही अधिवक्ता को हटाया

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देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में शासन द्वारा एक बड़ा कदम उठाया गया है। पीड़िता के पिता की अपील के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मामले में आरोपितों की पैरवी कर रहे अधिवक्ता को पद से हटा दिया है। साथ ही पद पर नई तैनाती हेतु डीएम पौड़ी से विशेष अपील की है।

गौरतलब है कि विगत वर्ष हुए वनंतरा प्रकरण में पीड़िता के पिता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित सजवाण पर आरोप लगाए थे। पीड़ित पिता ने अधिवक्ता की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि अधिवक्ता आरोपितों को बचाने के लिए पैरवी कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में मजबूती से पैरवी नहीं की जा रही है। इसके अलावा मामले की सुनवाई के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता को तैनात करने की मांग की थी। शनिवार को अपर सचिव न्याय आरके श्रीवास्तव ने मामले में सहायक शासकीय अधिवक्ता की आबद्धता समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया।

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अपर सचिव न्याय ने पत्र जारी कर कहा कि नए पैनल में ऐसे नाम शामिल कीजिए जिनके चरित्र, सत्यनिष्ठा और व्यावसायिक आचरण की पुष्टि स्वयं जिलाधिकारी के स्तर से हो। शासन ने वनंतरा प्रकरण में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व), कोटद्वार के पद से अमित सजवाण को हटा दिया है।

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