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पिता की कोर्ट के बाहर हुई थी हत्या, अब बेटी ने DSP बनकर पूरा किया सपना

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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा नतीजों में बेटियों ने बाजी मारी है। आगरा निवासी दिव्या सिकरवार ने पहला स्थान हासिल किया। वहीं दूसरे और तीसरे स्थान पर भी बेटियां ही रहीं। मुरादाबाद निवासी आयुषी सिंह ने भी परीक्षा में कामयाबी हासिल की है। UPPCS में उन्होंने 62 वीं रैंक हासिल की है। आयुषी की नियुक्ति डीएसपी पद पर होगी।

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आयुषी सिंह की इस कामयाबी ने परिवार को नई पहचान दी है। उनके पिता के नाम कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और साल 2015 में कोर्ट के बाहर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। आयुषी सिंह के पिता का नाम योगेंद्र सिंह उर्फ ‘भूरा’ है, जिनकी पहचान एक अपराधी के तौर पर होती है। बेटी ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा परीक्षा में कामयाबी प्राप्त कर परिवार की इसी पहचान को बदलने का काम किया है।

स्कूल पूरा करने के बाद आयुषी सिंह ने 2019 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया और फिर उन्होंने 2021 में पॉलिटिकल साइंस से MA किया। आयुषी ने नेट परीक्षा में भी कामयाबी हासिल की थी। पिछले दो सालों से UPPSC की तैयारी कर रही थीं और अब कामयाबी मिली है।

आयुषी के पिता का परिचय

आयुषी सिंह के पिता मुरादाबाद के डिलारी के पूर्व ब्लाक प्रमुख थे। उनके ऊपर हत्या समेत कई सारे आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। योगेंद्र सिंह उर्फ ‘भूरा’ की कोर्ट में पेशी के दौरान हत्या हुई थी।   जानकारी के मुकाबिक साल 2013 में एक हत्या में योगेन्द्र सिंह का नाम आया था, जिसकी वजह से वह जेल में बंद थे। 23 फरवरी 2015 फरवरी को उन्हें कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाया गया, जहां उनकी हत्या कर दी गई।

यूपीपीसीएस में कामयाब होने के बाद आयुषी सिंह ने कहा है कि उन्हें अधिकारी बनाने का सपना पिता का था। रिजल्ट के आने के बाद मां भावुक हो गई थी क्योंकि पापा का सपना पूरा हुआ।  आयुषी सिंह ने UPSSC की परीक्षा में 62वीं रैंक हासिल किया है। उनका भाई आदित्य आईआईटी दिल्ली से एमटेक कर रहा है।  

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